राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :- पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर द्वारा ‘ऑपरेशन तलाश’ के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिले के सभी विवेचकों को गुमशुदा व्यक्तियों की त्वरित खोजबीन के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही, पुलिसिंग को डिजिटल और आधुनिक बनाने के लिए ई-साक्ष्य पोर्टल, समाधान ऐप, मेडलैपर (Medlepr) और ई-प्रॉसिक्यूशन (e-Prosecution) प्रणाली के संबंध में पीपीटी (PPT) के माध्यम से विस्तृत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
‘ऑपरेशन तलाश’ की कड़े निर्देश के साथ समीक्षा
त्वरित कार्रवाई के निर्देश : पुलिस अधीक्षक ने जिले में दर्ज सभी गुमइंसान (मिसिंग पर्सन) मामलों की फाइलें खोलकर उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।
• समय सीमा निर्धारण: लंबे समय से लंबित गुमशुदगी के मामलों में विवेचकों को विशेष टीम बनाकर जल्द से जल्द दस्तयाबी (बरामदगी) करने के सख्त निर्देश दिए।
• मानवीय दृष्टिकोण: एसपी ने कहा कि गुमशुदा लोगों की तलाश में संवेदनशीलता और तेजी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आधुनिक पुलिसिंग के लिए डिजिटल टूल्स का प्रशिक्षण
• ई-साक्ष्य पोर्टल (e-Sakshya): विवेचकों को डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से एकत्र करने, उनका रिकॉर्ड रखने और कोर्ट में प्रस्तुत करने की नई तकनीकी प्रक्रिया सिखाई गई।
• समाधान ऐप (Samadhan App): जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण और पारदर्शी पुलिसिंग के लिए इस ऐप के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया गया।
• मेडलैपर (Medlepr): मेडिकल-लीगल मामलों (MLC) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की ऑनलाइन एंट्री व ट्रैकिंग को सुगम बनाने के लिए विस्तृत ट्रेनिंग दी गई।
• ई-प्रॉसिक्यूशन (e-Prosecution): पुलिस और अभियोजन (Prosecution) विभाग के बीच बेहतर तालमेल के लिए इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए केस डायरी और चालान पेश करने की प्रक्रिया समझाई गई।



