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सरकारी शिक्षक पर पीडब्ल्यूडी भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, व्यवसायिक परिसर बनाकर वर्षों तक किराया वसूली की चर्चा

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अमन पथ न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू : डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम उरेटा में एक सरकारी शिक्षक पर पीडब्ल्यूडी भूमि पर अवैध कब्जे और व्यवसायिक उपयोग का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षक द्वारा कथित रूप से पीडब्ल्यूडी की जमीन पर व्यवसायिक परिसर बनाकर किराया वसूली की जा रही हैं।

सीमांकन के दौरान आया मामला

ग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में एक खेत के सीमांकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिस भूमि पर व्यवसायिक दुकान का निर्माण किया गया है, वह कथित रूप से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की जमीन है। इसके बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई।

तीन व्यवसायिक परिसर बनाकर किराया लेने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि शासकीय प्राथमिक शाला मडियाकट्टा में पदस्थ शिक्षक नारायण कोठारी द्वारा कथित रूप से लगभग 4 से 6 डिसमिल भूमि पर तीन दुकाने तैयार किए गए। आरोप है कि पिछले लगभग चार वर्षों से प्रत्येक दुकान से 1500 से 2000 रुपये मासिक किराया लिया जा रहा हैं।ग्रामीणों का दावा है कि इस दौरान लाखों रुपये तक किराया प्राप्त किया गया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है।

ग्रामीणों के विरोध के बाद परिसर ग्राम विकास समिति को सौंपने की चर्चा

स्थानीय लोगों के अनुसार, मामले की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी और सामाजिक स्तर पर विरोध भी दर्ज किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध के बाद संबंधित शिक्षक द्वारा तीनों व्यवसायिक परिसरों को ग्राम विकास समिति को सौंप दिए जाने की बात सामने आई है।

विभागीय कार्रवाई की मांग तेज

गांव में यह भी चर्चा है कि संबंधित निर्माण कथित रूप से विभागीय स्तर पर मौखिक सहमति मिलने के भरोसे किया गया। हालांकि इस संबंध में किसी अधिकारी या संबंधित पक्ष की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं जब मीडिया की टीम ने संबंधित शिक्षक से आरोप के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने लगभग 4 साल पहले यह अवैध निर्माण किया है। अब ग्रामीण चाहते हैं तो उक्त जमीन ग्राम समिति को दे दूंगा।

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