हवाई यात्रा करने वालों के लिए आने वाले दिनों में राहत भरी खबर मिल सकती है. केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि कच्चे तेल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में स्थिरता बनी रहती है, तो एयरलाइंस से अतिरिक्त शुल्क और बढ़े हुए किराए की समीक्षा करने को कहा जा सकता है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि सरकार ईंधन की कीमतों पर लगातार नजर रख रही है और इस संबंध में एयरलाइंस के साथ बातचीत भी जारी है.
पहले स्थिरता, फिर किराए में राहत:- मंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में ATF की कीमतों में कुछ कमी देखने को मिली है, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यह गिरावट अस्थायी नहीं बल्कि लंबे समय तक बनी रहने वाली हो. उनके मुताबिक, यदि ईंधन की कीमतें लंबे समय तक स्थिर रहती हैं तो एयरलाइंस के साथ चर्चा कर मौजूदा सरचार्ज और अतिरिक्त किराए को कम करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.नायडू ने कहा कि पिछले चार महीने विमानन क्षेत्र के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं. ऐसे में एयरलाइंस ने बढ़ती लागत के दबाव को देखते हुए कुछ मार्गों पर अतिरिक्त शुल्क और ऊंचे किराए लागू किए थे. अब सरकार यह आकलन कर रही है कि लागत में आई राहत का फायदा यात्रियों तक पहुंचाया जा सकता है या नहीं.
नायडू ने कहा कि पिछले चार महीने विमानन क्षेत्र के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं. ऐसे में एयरलाइंस ने बढ़ती लागत के दबाव को देखते हुए कुछ मार्गों पर अतिरिक्त शुल्क और ऊंचे किराए लागू किए थे. अब सरकार यह आकलन कर रही है कि लागत में आई राहत का फायदा यात्रियों तक पहुंचाया जा सकता है या नहीं.सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जैसे ही कीमतों में स्थायी स्थिरता के संकेत मिलेंगे, यात्रियों को सस्ती हवाई यात्रा का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.



