कार्यशाला के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को नए कानूनों की बारीकियों और उनके प्रभावी निष्पादन के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
राधेश्याम सोनवानी, गरियाबंद :- दिनांक 01 जुलाई 2026 को गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के अध्यक्षता में तीन नवीन कानून के 02 वर्ष पूर्ण होने एवं उनके सफल क्रियान्वयन पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित माननीय न्यायालय के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गंगा पटेल तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू जैन एवं एडीपीओ शीतल दुबे, एडीपीओ विकाश टोप्पो, एडीपीओ प्रवीण बेलोदिया द्वारा नए कानूनों के सफल क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में अति0 पुलिस अधीक्षक करण कुमार उके, डीएसपी लितेश सिंह, एसडीओपी गरियाबंद निशा सिन्हा, एसडीओपी मैनपुर ओम प्रकाश कुजूर, डीएसपी गरिमा दादर, डीएसपी गोपाल वैश्य के साथ समस्त थाना प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित रहे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य-
नए कानूनों के व्यावहारिक क्रियान्वयन की समीक्षा करना।
न्यायपालिका और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनाना।
विवेचकों को जांच प्रक्रिया में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करना।
नए नियमों के तहत आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना।
न्यायिक अधिकारियों का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन
तकनीकी साक्ष्यों की अनिवार्यता एडीजे महोदया ने विवेचना के दौरान डिजिटल और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों को कानून के प्रावधानों के अनुरूप सही तरीके से संकलित करने पर जोर दिया।
प्रक्रियात्मक शुद्धता सीजेएम मैम ने नए संहिताओं के तहत एफआईआर दर्ज करने, गवाहों के बयान और जब्ती की कार्यवाही में समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
मानवाधिकारों का संरक्षणरू न्यायिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नए कानून का मूल उद्देश्य सजा के साथ-साथ पीड़ित को त्वरित न्याय और सुरक्षा प्रदान करना है।
त्रुटिहीन विवेचना पुलिस अधिकारियों को केस डायरी और चार्जशीट तैयार करते समय कानूनी धाराओं के सही उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।
गरियाबंद पुलिस की प्रतिबद्धता
कार्यशाला के अंत में पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने न्यायिक अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जिले के सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को नए कानून संहिताओं का अक्षरशः पालन करने तथा पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जन-हितैषी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारी, सभी थाना प्रभारी और जांच अधिकारी उपस्थित रहे।



