उत्तर प्रदेश में मानसून ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. मंगलवार को प्रदेश के करीब 50 शहरों में हुई तेज बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया. शामली में सड़कों पर इतना तेज बहाव दिखा कि कारें और बाइकें पानी में बहने लगीं, जबकि मथुरा के वृंदावन में सड़कें नदी जैसी नजर आईं. वाराणसी, अमरोहा, हापुड़ और सहारनपुर समेत कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिले. मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं बुधवार को 45 से अधिक जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और लोगों से भी आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है.
इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट:- मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, संभल, बदायूं, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है. इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. विभाग ने लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर ही घरों से निकलने की सलाह दी है. बारिश के दौरान तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है.
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह:- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है. हालांकि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सड़क पर फिसलन की स्थिति बन सकती है. किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है. वहीं आम लोगों से अपील की गई है कि बारिश और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों तथा जर्जर दीवारों के पास खड़े होने से बचें. वाहन चालकों को भी कम दृश्यता के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.



