देवों के देव महादेव के भक्तों को सावन महीने का बेसब्री से इंतजार रहता है. ये माह भगवान शिव को समर्पित किया गया है. सावन हिंदी पंचांग का पांचवा महीना होता है. भोलेनाथ के भक्त इस माह में भगवान शिव की विशेष पूजा करते हैं. उनका जलाभिषेक करते हैं. सावन में भगवान के जलाभिषेक का विशेष महत्व होता है. क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में विष ग्रहण करने के बाद महादेव के शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए देवताओं ने उनको जल चढ़ाया था. सावन में शिव पूजा के साथ साथ सोमवार के व्रत का भी विशेष महत्व है.
चूंकि, सावन का पूरा महीना और सोमवार का दिन दोनों ही शिव जी के माने जाते हैं, इसलिए मान्यता है कि सावन में सोमवार को की गई पूजा और व्रत से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं और सभी दुखों को हरकर जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते हैं. जुलाई माह में ही सावन की शुरुआत हो जाएगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, 30 जुलाई से सावन शुरू होगा. इस माह का समापन 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ होगा. आइए जानते हैं कि सावन में पहला सोमवार व्रत कब पड़ेगा.
सावन 2026 के पहले सोमवार का व्रत कब है:- इस साल सावन के पहले सोमवार का व्रत 03 अगस्त 2026 को रखा जाएगा. सावन माह के सोमवार व्रत को सोमवारी व्रत भी कहा जाता है. बहुत से भक्त सावन महीने के प्रथम सोमवार से सोलह सोमवार के व्रत का संकल्प लेते हैं. सावन महीने में भक्त कांवड़ लेकर निकलते हैं और प्रसिद्ध शिव मंदिरों में पहुंचकर महादेव का जलाभिषेक करते हैं. सावन सोमवार के दिन व्रत करने के साथ ही रुद्राभिषेक भी किया जाता है. सावन सोमवार के दिन रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव के साथ ही माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है.
सावन 2026 सोमवार व्रत की तारीखें
- पहला सावन सोमवार व्रत- 3 अगस्त 2026
- दूसरा सावन सोमवार व्रत- 10 अगस्त 2026
- तीसरा सावन सोमवार व्रत- 17 अगस्त 2026
- चौथा सावन सोमवार व्रत- 24 अगस्त 2026



