Home ज्योतिष महिलाएं शनि देव की पूजा करें या नहीं? जानिए क्या कहते हैं...

महिलाएं शनि देव की पूजा करें या नहीं? जानिए क्या कहते हैं धार्मिक नियम

0

शनि देव को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। उनकी पूजा को लेकर लोगों के मन में कई तरह की मान्यताएं हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि वे शनि देव की पूजा कर सकती हैं या नहीं, क्या वे शनिवार का व्रत रख सकती हैं? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाओं के लिए शनि पूजा वर्जित नहीं है, लेकिन इसके कुछ नियम बताए हैं। आइए जानते हैं स्त्रियों के लिए शनि पूजा और शनिवार व्रत से जुड़े महत्वपूर्ण नियम।

महिलाएं कर सकती हैं शनि पूजा

शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अन्य दोषों से राहत पाने के लिए पूजा, व्रत, दान और मंत्र जाप का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महिलाओं के लिए भी शनि देव की पूजा करने की मनाही नहीं है। वे पूरी श्रद्धा के साथ शनि देव की आराधना कर सकती हैं।

पवित्रता का रखें ध्यान

शनि पूजा करते समय तन और मन दोनों की पवित्रता का विशेष महत्व होता है। ऐसे में शनिवार के दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को विधि-विधान से उनकी पूजा करनी चाहिए। इस दौरान शनि कथा सुनना, शनि आरती करना और शनि मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है।

शनि देव की प्रतिमा को न करें स्पर्श

महिलाओं को शनि देव की प्रतिमा को स्पर्श नहीं करना चाहिए। इसके अलावा पूजा करते समय उनकी प्रतिमा के ठीक सामने खड़े होकर आराधना करने से भी बचना चाहिए। पूजा दाईं या बाईं ओर बैठकर या खड़े होकर करना शुभ माना जाता है। साथ ही शनि देव की आंखों में सीधे देखने की भी मनाही बताई गई है।

तेल चढ़ाने और मंदिर जाने का नियम

महिलाओं को स्वयं शनि देव पर तेल नहीं चढ़ाना चाहिए। अगर तेल अर्पित करना हो, तो किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से चढ़वाना उचित माना जाता है। वहीं ऋतुकाल और गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को शनि मंदिर नहीं जाना चाहिए।

शनि कृपा पाने के लिए करें ये उपाय

महिलाएं भी शनिवार के दिन शनि से संबंधित वस्तुओं का दान कर सकती हैं। इसके अलावा पीपल के नीचे दीपक जलाना, शनि मंत्र का जाप करना, शनि चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की बाधाएं दूर हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here