Home देश टीकमगढ़ जिले में सरकारी राशन बांटने के लिए आए गेहूं में मिलीं...

टीकमगढ़ जिले में सरकारी राशन बांटने के लिए आए गेहूं में मिलीं जानवरों की हड्डियां, मच गया हड़कंप जांच शुरू…

0

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. जिले के नन्ही टेहरी गांव स्थित सरकारी राशन की दुकान पर अनाज वितरण के दौरान गेहूं की बोरी से जानवरों की खोपड़ी और हड्डियां मिलने से हड़कंप मच गया. इसे देखकर राशन लेने पहुंचे ग्रामीण हैरान रह गए और उन्होंने दूषित अनाज लेने से साफ इनकार कर दिया. देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और राशन दुकान के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.सोमवार राशन वितरण के दौरान जैसे ही कोटेदार ने गेहूं की पहली बोरी खोली, उसमें अनाज के बीच जानवर के सिर की हड्डी और खोपड़ी जैसी वस्तु दिखाई दी. इसे देखकर मौजूद उपभोक्ताओं में नाराजगी फैल गई. ग्रामीणों का कहना था कि यह केवल खाद्य सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के स्वास्थ्य और उनकी धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ा गंभीर विषय है. लोगों ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे स्टॉक की जांच कराई जाए.

पहले भी सामने आ चुके हैं खराब अनाज के मामले:- टीकमगढ़ में खराब गुणवत्ता वाले सरकारी अनाज का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले दमोह जिले से आई 6,265 बोरियों में कीड़े, घुन, मिट्टी और सड़ा हुआ गेहूं मिलने का मामला सामने आया था. उस समय लगभग 3,132 क्विंटल गेहूं को अनुपयोगी मानते हुए वापस भेजना पड़ा था. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सरकारी खरीद, भंडारण और गुणवत्ता जांच प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दुकान सील, जांच के आदेश:- मामले की सूचना मिलते ही कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (JSO) सार्थक तिवारी मौके पर पहुंचे और अन्य बोरियों की भी जांच कराई. हालांकि बाकी बोरियों में हड्डियां नहीं मिलीं, लेकिन एहतियात के तौर पर राशन दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया और गेहूं के वितरण पर रोक लगा दी गई. अधिकारियों ने बताया कि मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है. पूरी खेप वापस भेजी जाएगी और उसके स्थान पर नया एवं गुणवत्तापूर्ण गेहूं उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि वेयरहाउस से राशन दुकान तक पहुंचने के दौरान अनाज की गुणवत्ता जांच में आखिर चूक कहां हुई.

गुणवत्ता जांच पर उठे बड़े सवाल:- इस घटना ने सरकारी राशन प्रणाली की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि जब वेयरहाउस से राशन दुकानों तक अनाज भेजा जाता है तो उसकी गुणवत्ता की नियमित जांच क्यों नहीं होती. ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में गरीबों को इस तरह का दूषित राशन न मिले.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here