मनेन्द्रगढ़ एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजी में योजना का शुभारंभ, कलेक्टर ने कराया स्वर्णप्राशन संस्कार, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी की सहभागिता
जिले में 722 बच्चों का लक्ष्य, पहले दिन 334 बच्चों ने लिया स्वर्णप्राशन का लाभ; मनेन्द्रगढ़ एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजी में हुआ शुभारंभ
एमसीबी : कलेक्टर संतन देवी जांगड़े के मार्गदर्शन में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आयुष विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को मनेन्द्रगढ़ एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजी में स्वर्णप्राशन योजना का शुभारंभ किया गया। आयुर्वेद आधारित इस योजना का उद्देश्य बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करना, उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना तथा कुपोषण की रोकथाम करना है।
जिले में योजना के प्रथम चरण में कुल 722 बच्चों को स्वर्णप्राशन का लाभ प्रदान किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजना के शुभारंभ के पहले ही दिन 334 बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराया गया, जो बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति अभिभावकों की बढ़ती जागरूकता और विभागीय प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
मनेन्द्रगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने गंभीर कुपोषित बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराकर योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने अभिभावकों से प्रत्येक माह नियमित रूप से बच्चों को स्वर्णप्राशन के लिए लाने की अपील करते हुए कहा कि संतुलित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के समन्वित प्रयासों से बच्चों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एमसीबी जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण आधार है।
कार्यक्रम में जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशांत कुमार अग्रवाल एवं आयुष चिकित्सक डॉ. पूर्णिमा सिंह ने स्वर्णप्राशन के लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि आयुर्वेद में वर्णित यह संस्कार बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, स्मरण शक्ति एवं बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने, शारीरिक विकास में सहायक होने तथा मौसम परिवर्तन के दौरान होने वाले संक्रमणों से बचाव में उपयोगी माना जाता है। नियमित स्वर्णप्राशन से बच्चों का समग्र विकास बेहतर होता है और कुपोषण की रोकथाम में भी सहायता मिलती है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने बताया कि मनेन्द्रगढ़ ग्रामीण, मनेन्द्रगढ़ शहरी, झगराखांड, पाराडोल, नागपुर सहित मनेन्द्रगढ़ परियोजना के विभिन्न सेक्टरों के 388 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी विकास खंडों में चरणबद्ध तरीके से पात्र बच्चों को योजना का लाभ दिया जाएगा।
इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंजी में भी स्वर्णप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पात्र बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाय) के कार्यपालन अभियंता श्री मोती राम तथा जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता नरेश चन्द्र ने भी बच्चों को स्वर्णप्राशन संस्कार कराया। दोनों अधिकारियों ने अभिभावकों से बच्चों के संतुलित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वर्णप्राशन कार्यक्रम में निरंतर सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में मनेन्द्रगढ़ के एसडीएम लिंगराज सिदार, तहसीलदार सुश्री श्रुति धुर्वे, परियोजना अधिकारी श्रीमती शशि जायसवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा, जिला आयुष अधिकारी डॉ. निशांत कुमार अग्रवाल, आयुष चिकित्सक डॉ. पूर्णिमा सिंह, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता मोती राम, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता नरेश चन्द्र, पर्यवेक्षक श्रीमती शिल्पा अग्रवाल, श्रीमती पूनम सिंह, आयुष विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा बच्चों के अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे स्वर्णप्राशन योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और प्रत्येक माह निर्धारित तिथि पर अपने बच्चों को स्वर्णप्राशन के लिए अवश्य लेकर आएं। आयुष विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से संचालित यह योजना एमसीबी जिले में कुपोषण उन्मूलन, बाल स्वास्थ्य संवर्धन तथा स्वस्थ एवं सशक्त भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



