सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. इस पवित्र महीने में जहां सोमवार का दिन भोलेनाथ को समर्पित होता है, वहीं मंगलवार का दिन माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. सावन के मंगलवार को सुहागिन महिलाएं और विवाह योग्य लड़कियां मंगला गौरी व्रत रखती हैं. मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. सावन शुरू होने के अगले सप्ताह से ही मंगला गौरी व्रत की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में इस साल सावन में कुल चार मंगला गौरी व्रत रखे जाएंगे
सावन 2026 में पहला मंगला गौरी व्रत कब रखा जाएगा:- साल 2026 में सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई, गुरुवार से हो रही है. सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा, जबकि इसके अगले दिन यानी 4 अगस्त, मंगलवार को पहला मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा.इस दिन महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं और पूरे दिन उपवास रखकर माता पार्वती की पूजा करती हैं. शाम के समय भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि मंगला गौरी व्रत रखने से माता पार्वती प्रसन्न होती हैं और सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं.
मंगला गौरी व्रत क्यों रखा जाता है:- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. इसलिए माता पार्वती को सुहाग और अखंड सौभाग्य की देवी के रूप में भी पूजा जाता है. सावन के मंगलवार को उनके मंगला गौरी स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि सुहागिन महिलाएं अगर श्रद्धा के साथ मंगला गौरी व्रत रखती हैं तो उन्हें सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है. वहीं, विवाह योग्य लड़कियां भी अच्छे जीवनसाथी और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं.
सावन 2026 में मंगला गौरी व्रत की तिथि
- पहला मंगला गौरी व्रत: 4 अगस्त 2026, मंगलवार
- दूसरा मंगला गौरी व्रत: 11 अगस्त 2026, मंगलवार
- तीसरा मंगला गौरी व्रत: 18 अगस्त 2026, मंगलवार
- चौथा मंगला गौरी व्रत: 25 अगस्त 2026, मंगलवार



