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पेपर लीक बिल पर संसद में गरमाया माहौल, प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा; PM मोदी पर भी साधा निशाना

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नई दिल्लीः संसद में आज एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी केंद्र सरकार को पेपर लीक के मुद्दे पर घेरा और दिल्ली प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से तीछे सवाल पूछे। प्रियंका गांधी ने कहा, “सरकार ने RSS प्रचारकों को भरकर हमारे शिक्षा सिस्टम को खोखला कर दिया है। उन्होंने NTA को ज़बरदस्ती लाकर और सिस्टम को सेंट्रलाइज़ करके मामलों को और उलझा दिया है। देश के कुल बजट में शिक्षा बजट का हिस्सा हर साल बढ़ने के बजाय असल में घट रहा है।

छात्रों का भरोसा सरकार से टूटाः प्रियंका

प्रियंका ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था विफल हो गई है और बार-बार पेपर लीक होने से छात्रों का भरोसा टूट गया है। उन्होंने कहा, “शिक्षा व्यवस्था में कमियां आ गई हैं। परीक्षा व्यवस्था विफल हो गई है। एक भी माफिया सदस्य को सज़ा नहीं मिली है।उन्होंने सरकार पर परीक्षा में गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

दिल्ली में 20 जुलाई को हुए पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए प्रियंका ने पूछा कि सुरक्षा बलों ने छात्रों के खिलाफ आंसू गैस के गोले और पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया। उन्होंने सरकार से पूछा, “देश के युवाओं पर पैलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल करने की क्या ज़रूरत थी? क्या वे आतंकवादी थे? पैलेट गन इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया? क्या प्रधानमंत्री थे? क्या गृह मंत्री थे? उन्हें जवाब देना होगा। पूरा देश पूछ रहा है। यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी की बात नहीं है। पूरा देश जवाब मांग रहा है।”

10 साल में 152 बार पेपर लीक हुएः प्रियंका गांधी

परीक्षा में गड़बड़ियों से निपटने के सरकार के तरीके पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था फेल हो गई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 साल में 152 बार पेपर लीक हुए, जिससे करोड़ों छात्र प्रभावित हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि समस्या के इतने बड़े पैमाने पर होने के बावजूद पेपर लीक माफ़िया के एक भी सदस्य को सज़ा नहीं दी गई।

प्रियंका गांधी ने प्रह्लाद जोशी की आलोचना की तो भड़क गए बीजेपी सांसद

प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने को लेकर प्रियंका गांधी के केंद्र सरकार पर हमले के बाद सदन में हंगामा मच गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने “ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री चुना है जिसने गर्भवती महिला के साथ बलात्कार के दोषियों की रिहाई पर सहमति और खुशी ज़ाहिर की थी।” उनकी टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उन पर संसद में अपमानजनक बयान देने का आरोप लगाया।

रिजिजू ने कहा कि ये टिप्पणियां “चरित्र हनन” के बराबर हैं और मांग की कि इन्हें कार्यवाही से हटा दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह संसद के भीतर किसी के चरित्र पर हमला करने जैसा है और हम ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं करते। इन बयानों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाना चाहिए। ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्हें सदन से माफ़ी मांगनी चाहिए।”

…जब प्रियंका गांधी ने स्पीकर से कहा आप नाराज हो रहे हैं, मुस्करा दीजिए

जोरदार हंगामे के बाद प्रियंका गांधी ने जब दोबारा बोलना शुरू किया तो उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से कहा, आप नाराज हो रहे हैं, थोड़ा मुस्करा लीजिए।

”कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलें पीएम”: प्रियंका

पेपर लीक पर बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, “इस बिल में पेपर लीक रोकने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं हैं। इससे देश के युवाओं में भरोसा कैसे जगेगा? मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहती हूं कि शायद उन्हें अपने सलाहकारों को बदलने की ज़रूरत है। वे असलियत से पूरी तरह कट चुके हैं। सिर्फ़ नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा, चाहे उनका प्रमुख कोई भी हो। सिस्टम में सुधार लाने के लिए राधाकृष्णन कमेटी भी बनाई गई थी, लेकिन आज तक उसकी एक भी सिफ़ारिश लागू नहीं की गई है। फ़ास्ट-ट्रैक अदालतों का रिकॉर्ड पहले से ही बहुत खराब है। असल में कल सुनवाई के दौरान CBI के वकील भी पेश नहीं हुए।

संसद में विपक्ष पर आरोप लगाने या खोखली राजनीतिक चालें चलने से कुछ नहीं होगा। अगर आप Gen Z का भरोसा फिर से जीतना चाहते हैं, तो सिर्फ़ फ़ोन पर अलग-अलग एंगल से नए वीडियो बनाने से काम नहीं चलेगा। प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल नहीं, बल्कि अपने दिल का एंगल बदलने की ज़रूरत है…”।

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