संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को धुएं से राहत दिलाने के लिए गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए, लेकिन नगरी क्षेत्र में गैस सिलेंडर लेने की प्रक्रिया ग्रामीण हितग्राहियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। गांवों से गैस लेने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने वाले हितग्राहियों को पहले गैस एजेंसी कार्यालय में ऑनलाइन एंट्री और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इसके बाद उन्हें टोकन दिया जाता है और सिलेंडर लेने के लिए करीब तीन किलोमीटर दूर चमेदा क्षेत्र में जाने को कहा जाता है।
गांवों से आने वाली महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह दोहरी आवाजाही काफी मुश्किल साबित हो रही है। जिन लोगों के पास अपना वाहन नहीं है, उन्हें अतिरिक्त किराया खर्च कर ऑटो या अन्य साधनों से चमेदा पहुंचना पड़ता है।
टोकन एक जगह, सिलेंडर दूसरी जगह
हितग्राहियों के अनुसार गैस एजेंसी कार्यालय में पहुंचने के बाद ऑनलाइन एंट्री की जाती है और भुगतान लेने के पश्चात टोकन दिया जाता है। इसके बाद उन्हें बताया जाता है कि गैस वाहन चमेदा के पास खड़ा है, जहां टोकन दिखाकर सिलेंडर प्राप्त किया जा सकता है।
इस व्यवस्था के कारण दूरदराज के गांवों से नगरी पहुंचे ग्रामीणों को एक ही काम के लिए दो अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं को इससे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पहले गांवों में मिल जाती थी सुविधा
ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांवों में च्वाइस सेंटर के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी। इससे उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों को गैस लेने के लिए बार-बार ब्लॉक मुख्यालय नहीं आना पड़ता था।
ग्रामीणों के मुताबिक गांवों में यह सुविधा बंद होने के बाद अब उन्हें नगरी तक आना पड़ रहा है। इसके बाद भी सिलेंडर सीधे एजेंसी कार्यालय से नहीं मिलने के कारण उन्हें एक और स्थान तक जाना पड़ता है।
हितग्राहियों ने की एक जगह व्यवस्था की मांग
हितग्राहियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जहां गैस सिलेंडर का वितरण किया जाता है, वहीं गैस एजेंसी का कार्यालय या संबंधित सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। इससे ग्रामीणों को टोकन और सिलेंडर के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक ही जगह ऑनलाइन एंट्री, भुगतान, टोकन और सिलेंडर वितरण की सुविधा मिले तो समय, श्रम और अतिरिक्त किराए की बचत होगी।
विभाग ने दिया गांवों में सुविधा बहाल करने का भरोसा
इस मामले में नगरी के फूड इंस्पेक्टर विश्व प्रताप चंदेल ने बताया कि गैस एजेंसी कार्यालय से सिलेंडर उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं है। सिलेंडर की आपूर्ति होम डिलीवरी के तहत की जानी है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए च्वाइस सेंटर के माध्यम से गैस वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं। अब दोबारा गांवों में च्वाइस सेंटर के माध्यम से गैस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
अब देखना होगा कि गांवों में गैस वितरण की सुविधा कब तक बहाल होती है और उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों को दो जगह भटकने की परेशानी से कब राहत मिलती है।




