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शिक्षक का समर्पण से राज्य पाल शिक्षक सम्मान का सफर,आदर्श शिक्षक राष्ट्र निर्माता के रूप में समाज के लिए अमूल्य धरोहर

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शिक्षक दिवस पर राज्यपाल शिक्षक सम्मान 2026 से जय कौशिक होंगे सम्मानित

रायपुर :   छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ,मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय जी की उपस्थिति में शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव जी ने राज्य शिक्षक सम्मान 2026 की घोषणा की जिसमें तिफरा सरकारी के व्याख्याता जय कौशिक का नाम स्कूल के बच्चो के समग्र विकास के लिए आदर्श शिक्षक के रुप में जय कौशिक सम्मानित होंगे,बच्चो के शिक्षा के साथ साथ स्कूल के विकास के लिए समर्पित होकर विशेष अनुकरणीय है शिक्षकों के समर्पण और संघर्ष से बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है और स्कूल के अध्यापन कक्ष कम पड़ रहे हैं जो सरकारी स्कूल के लिए गौरव का विषय है।सरकारी स्कूल का परिक्षा परिणाम,सरकारी स्कुल में बच्चों की संख्या बढ़ाने लगातार प्रयास, खेल में लगातार सक्रियता प्रोत्साहन ,सांस्कृतिक मंच का संचालन ,योग को घर घर पहुंचाने के लिए अभियान,राष्ट्रीय जन जागरुकता अभियान में नशा मुक्ति अभियान,पर्यावरण जागरुकता ,स्वच्छ भारत अभियान,हर घर तिरंगा अभियान ,कारगिल दिवस, सिपाही रक्षा सूत्र सैनिक के नाम,मानव श्रृंखला बनाकर शत् प्रतिशत मतदान, स्वच्छता संदेश ऐसे अनेक सैकड़ों गतिविधियों में विशेष सहभागिता से तिफरा स्कूल का नाम छत्तीसगढ़ में अच्छे सरकारी स्कूल के रूप मे अलग पहचान बनी है।

लेखक के रूप में लेखन कौशल का उदाहरण प्रस्तुत किया”सफर- सफलता की राह” जय कौशिक की प्रेरणादायक पुस्तक की खूब चर्चा हुई रायपुर साहित्य उत्सव में,सी वी रमन विश्वविद्यालय में और शिक्षक साथियों ने इसका भव्य विमोचन किया , सफर एक प्रेरणादायक पुस्तक समाज के सभी वर्गो के लिए है शिक्षक के लेखन कौशल का बेहतर उदाहरण बना है ।

राज्यपाल शिक्षक सम्मान के लिए चयनित होने पर क्षेत्रीय बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक सहित जनप्रतिनिधियों ने मंच पर जय कौशिक को सम्मानित किया और कहा बिलासपुर में ऐसे ही सभी शिक्षक अपने कार्य से प्रेरणा देते रहे समाज में आदर्श बने रहे

राज्यपाल शिक्षक सम्मान के लिए रायपुर राजभवन में मुख्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रामेन डेका जी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की उपस्थिति में छत्तीसगढ के शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव जी ने राज्यपाल शिक्षक सम्मान के लिए व्याख्याता जय कौशिक का नाम घोषित किया। शिक्षक के समर्पण ने तिफरा स्कूल को नई पहचान दिलाई है और 5 सितंबर 2026 मे शिक्षक सम्मान समारोह में राज्यपाल शिक्षक सम्मान प्रदान किया जाएगा। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय तिफरा के व्याख्याता जय कौशिक नवाचारी शिक्षक के रुप में अलग पहचान बनाई है जिनके प्रेरणादायक कार्य शिक्षक और समाज के लिए आदर्श है लगातार उत्साह से प्रयास शिक्षा से संस्कार नैतिक शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता,स्वच्छ विद्यालय स्वच्छ भारत के लिए प्रेरित करने लगातार प्रयास अनुकरणीय है अपने 18 वर्षों के शिक्षकीय जीवन में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। जय कौशिक बताते हैं जब वह स्कूल में पदस्थ हुये वर्ष 2008 में तो वहां स्कूल में केवल 295 छात्र थे, आज वह संख्या बढ़कर 2500 हो गई है और अगले दो वर्षों में 3000 छात्रों के पहुंचने की संभावना है। एडमिशन के यहां लाइन लगी रहती है बच्चों को बैठने कक्ष कम पड़ रहे हैं यहां एडमिशन के लिए विधायक, सांसद और अधिकारियों के अनुशंसा पत्र भी आते रहते हैं पालक अपने बच्चों को यहां एडमिशन कराने विशेष प्रयास करते हैं यह बदलाव शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, प्राचार्य व शाला विकास समिति के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। शिक्षको के विशेष मार्गदर्शन से स्कूल के सैकड़ों बच्चे सरकारी नौकरी करते हुए शासकीय सेवा दे रहे हैं। आज स्कूल में शैक्षणिक, सामाजिक, सहभागिता बढ़ी है शनिवार विशेष पीटी, परेड, जुंबा ,योग ,सांस्कृतिक और खेल के क्षेत्र में लगातार विकास साथ ही साथ शासन के निर्देशानुसार विभिन्न गतिविधियों को नई दिशा मिली है। स्कूल का नाम ऐसा बना है सरकारी स्कूल में प्रवेश के लिए परीक्षा लेनी पड़ती है ,बोर्ड परीक्षा में लगातार शत-प्रतिशत परिणाम, 2019-20 में छात्रा मानवी कौशिक का छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा टॉप-10 में स्थान बनाना स्कुल के लिए गौरव का पल था , 2024 में 100 बच्चे बारहवीं बोर्ड में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण और 2024 में तिफरा की छात्रा सुमन कैवर्त का भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर, हैदराबाद में जूनियर वैज्ञानिक के रुप मे चयन, 2026 में तीन बच्चों राधिका,रजनी और हर्षिता का नीट में चयन , मलखंभ में 8 वी की छात्रा का आलइंडिया के लिए चयन तिफरा स्कूल के लिए उपलब्धिया हैं। हर वर्ष राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में छात्र उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं 2025 में 6 बच्चे राज्यस्तर खेल में भाग लिये 2026 में भी छः बच्चे राज्य स्कुल गेम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे । एक छात्रा आलइंडिया में,स्कूल में योग ,हैडबाल जिमनास्टिक,मलखंभ के बच्चे लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे,बाल चेतना, राष्ट्रीय नशामुक्ति अभियान, हर घर तिरंगा अभियान ,कारगिल दिवस, ’’एक पेड़ मां के नाम’’ जैसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन हो रहा है। दसवीं और बारहवीं में शत प्रतिशत परिणाम ,मेरिट में बच्चों का बेहतर प्रदर्शन, बच्चो की अपार संख्या के बाद भी स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर हैं। जय कौशिक को शिक्षक दिवस 2018 में रमन सिंह मुख्यमंत्री से उत्कृष्ट शिक्षक गौरव सम्मान,संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन से पुलिस ग्राउंड स्वतंत्रता दिवस 2019 में उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान,शिक्षक कला एवं साहित्य एकादमी से 2022 में शिक्षा दूत सम्मान, योग आयोग द्वारा योगाचार्य सम्मान 2023 में,केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू जी से 2024 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, जिला कलेक्टर से कई अलग अलग समय मे उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान , इस वर्ष नवाचार के लिए 2026 में श्रीहरिमिश्र की स्मृति में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान , लोक सेवा गौरव सम्मान , योग से स्वास्थ्य के जन जागरुकता के लिए 2025 और 26 में अध्यक्ष संजय अग्रवाल जी से योग आयोग छत्तीसगढ़ के हाथों योगाचार्य सम्मान से सम्मानित किया गया है।

सरकारी स्कूल तिफरा अब स्वामी आत्मानंद स्कूल से स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला और पीएम श्री स्कूल की ओर बढ़ते हुए बड़े बड़े निजी स्कूलों की बराबरी कर रहा है। जय कौशिक कहते हैं, ’’सपना है स्मार्ट क्लास में स्मार्ट बच्चों का और अब वह साकार होता दिख रहा है। हर कक्ष में स्मार्ट बोर्ड से पढ़ाई हो रही है सीसीटीवी कैमरे हर कमरे में ,साउंड सिस्टम हर कमरे में ’’ स्कूल का अपना वेबसाइट है, शिक्षक बच्चो के चेहरे की मुस्कान और लक्ष्य को प्राप्त करने की भूख देखकर शिक्षक शत प्रतिशत कोशिश करता है यही प्रयास हर पल सकारात्मक दिशा में कुछ न कुछ करते रहने प्रेरित करता है आगे और बेहतर कार्य कर बच्चो को उनकी सही दिशा दिखाना शिक्षक का प्रयास रहना चाहिए। सरकारी स्कूल में पढ़ाई कर सरकारी स्कूल के बच्चो को आगे बढ़ाने हर पल कोशिश से मिला ।

संघर्ष और कठिनाइयां का दौर फिर भी उत्साह में कोई कमी नहीं

18 साल से लगातार प्रयास से और सबके सहयोग से तिफरा स्कूल बिलासपुर का बेहतर स्कूल बना ।एक समय था बस्ती के बीच चार पांच कमरों का स्कूल 295 की छात्र संख्या और मैदान मानो गांव का गाय भैंस चराने के लिए चारागाह घूरवा , जंगल जैसा और पीछे गोकने नाला एकदम अभाव ग्रस्त आज भी ज्यादा पानी गिरता है तो मैदान में पानी भर जाता है पर अभाव में प्रभाव छोड़ते शिक्षको के प्रयास से नाली से तत्कालीक रुप से पानी निकल जाता है स्कूल के प्राचार्य, वरिष्ठ शिक्षक और जनप्रतिनिधियों का सहयोग और मार्गदर्शन से धीरे धीरे 4 से 40 कमरो का सफर और शिक्षा का स्तर सुधारने लगातार प्रयास जिससे हर साल बच्चो की संख्या बढ़ती गई और आज 300 से 3000 तक स्कूल में बच्चों की संख्या पहुंचने वाली है ,गांव से नगर पंचायत फिर नगर पालिका और फिर नगर निगम बना और स्थानीय जनप्रतिनिधियो को लगातार स्कूल के कार्यक्रम से जोड़ने से स्कूल का स्तर सुधरता गया।आज ऐ स्थिति है एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा लेना पड़ रहा है हर कक्षा में 150-250 बच्चे पढ़ रहे हैं।

राज्यपाल शिक्षक सम्मान
राज्यपाल सम्मान मिलने की घोषणा होने पर जिला शिक्षा अधिकारी , विकास खंड शिक्षा अधिकारी ,संकुल प्राचार्य डा. विश्वनाथ कश्यप,संकुल समन्वयक सुनील पाण्डेय, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष ईश्वर साहू सदस्य श्याम कार्तिक वर्मा,कृष्ण कुमार कश्यप, सीमा संजय सिंह, रामू साहू जी,राजकुमार यादव सहित व्याख्याता रजनीगंधा बेहार, निलिमा बग्गा,विश्वास शर्मा , हेमलता बघेल, मोहन पटनायक,लिपी वर्मा, विनोद अहिरवार, सरस्वती उपाध्याय, निखिल कौशिक, अजीम, कृष्ण कुमार साहू सहित संकुल के सभी शिक्षकों,परिवार ,दोस्तो और समाज के लोगों में हर्ष का वातावरण है।

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