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एमसीबी में 5 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’, गांव-गांव पहुंचेगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम

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खड़गवां से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे मेगा स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ; 2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

हर गांव-हर घर-हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का लक्ष्य, नि:शुल्क जांच, दवा, स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ परामर्श की मिलेगी सुविधा

एमसीबी। जिले के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से ‘सशक्त एमसीबी सेवा संकल्प अभियान-2026’ का आगाज 5 सितंबर से होने जा रहा है। एक माह तक चलने वाले इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘हर गांव–हर घर–हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं’ पहुंचाना है।

अभियान के तहत जिले में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में आम नागरिकों को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाइयां, विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे के उपचार के लिए उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान से भी जोड़ा जाएगा।

खड़गवां से होगी अभियान की शुरुआत

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अभियान का पहला विशेष स्वास्थ्य शिविर 5 सितंबर 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में आयोजित किया जाएगा। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम सुबह 9 बजे से उपलब्ध रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल खड़गवां से इस मेगा स्वास्थ्य शिविर अभियान की शुरुआत करेंगे।

शिविर को लेकर संबंधित चिकित्सा अधिकारी को प्रभारी बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर में आवश्यक जांच उपकरण, दवाइयां और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

एक ही शिविर में कई विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं

अभियान के पहले चरण में लोगों को विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। ड्यूटी में लगाए गए विशेषज्ञों में डॉ. उषा प्रेमा लकड़ा (शल्य चिकित्सा), डॉ. राजेन्द्र बंसोरिया (अस्थि रोग), डॉ. अभिषेक तिवारी (शिशु रोग), डॉ. अभिषेक मयंक (नाक-कान-गला), डॉ. सीमा देशमुख (स्त्री रोग), डॉ. अनुराग तिवारी (मेडिसिन), डॉ. अमित मिर्चे (नेत्र रोग) और डॉ. राहुल मेहता (चर्म रोग) शामिल हैं।

इसके अलावा डॉ. लाकेश्वर सिंह, डॉ. चंद्रभान, डॉ. प्रियंका और डॉ. शाहिद (चिकित्सा अधिकारी), डॉ. अनिमेष विश्वास (दंत चिकित्सक), सहाना परवीन (फिजियोथेरेपिस्ट) तथा श्री रामकरण साहू (नेत्र सहायक अधिकारी) भी शिविर में सेवाएं देंगे।

बीपी-शुगर से लेकर कैंसर और सिकल सेल तक होगी स्क्रीनिंग

स्वास्थ्य शिविरों में केवल सामान्य स्वास्थ्य जांच तक सीमित न रहते हुए गंभीर और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की पहचान पर भी विशेष जोर रहेगा। ब्लड प्रेशर, मधुमेह, कैंसर, सिकल सेल, मलेरिया सहित विभिन्न गैर-संचारी और संक्रामक रोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

रक्त जांच, मलेरिया, सिकल सेल, एचआईवी/वायरल मार्कर सहित आवश्यक जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार से जोड़ने की व्यवस्था रहेगी।

गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष फोकस

अभियान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी गई है। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात सेवाओं के साथ बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। बुजुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाओं के साथ फिजियोथेरेपी और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाने का कार्य भी शिविरों में किया जाएगा, जिससे लोगों को शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो।

इलाज ही नहीं, बीमारी की समय पर पहचान भी अभियान का लक्ष्य

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य सिर्फ मरीजों का इलाज करना नहीं है, बल्कि बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान, आवश्यक जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करना भी है। विशेष रूप से बीपी, मधुमेह, कैंसर, सिकल सेल और मलेरिया जैसी बीमारियों के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें आगे की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाने का प्रयास : जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य सुविधाएं केवल बड़े अस्पतालों और शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांव और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे। ‘सशक्त एमसीबी सेवा संकल्प अभियान’ इसी उद्देश्य की महत्वपूर्ण पहल है। विशेषज्ञ चिकित्सकों को शिविरों के माध्यम से लोगों के करीब लाने से समय पर जांच और उपचार संभव होगा तथा गंभीर बीमारियों की शुरुआती स्तर पर पहचान में मदद मिलेगी।

सीएमएचओ ने जिलेवासियों से शिविरों का लाभ लेने की अपील की

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने जिलेवासियों से अभियान का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 5 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले विशेष स्वास्थ्य शिविरों में नि:शुल्क जांच, दवा वितरण, विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने लोगों से अपने नजदीकी स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य की जांच कराने और बीमारी के किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। विशेष रूप से गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग तथा बीपी, शुगर, कैंसर और सिकल सेल जैसी बीमारियों से प्रभावित या संभावित मरीज शिविरों का लाभ उठाएं। सीएमएचओ ने कहा कि जनसहभागिता से ही अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

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