Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह समय अपने पूर्वजों को स्मरण करने और उनके निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में विधि-विधान से किए गए कर्मकांड से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।
मान्यता है कि जब पितर प्रसन्न होते हैं तो परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहती है। वहीं पितृ दोष से जुड़े होने की मान्यता रखने वाले लोग जीवन में विभिन्न प्रकार की परेशानियों का अनुभव कर सकते हैं। ऐसे में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
आइए जानते हैं 2026 में पितृ पक्ष कब से शुरू होगा और किस दिन किस तिथि का श्राद्ध किया जाएगा।
पितृ पक्ष 2026 कब से शुरू होगा?
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर 2026 की रात 10:18 बजे शुरू होगी और इसका समापन 27 सितंबर 2026 की रात 8:58 बजे होगा।
उदयातिथि के अनुसार पितृ पक्ष का प्रारंभ 27 सितंबर 2026 से माना जाएगा। इसी दिन प्रतिपदा श्राद्ध किया जाएगा।
प्रतिपदा श्राद्ध का कुतुप मुहूर्त
प्रतिपदा श्राद्ध के दिन पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान आदि कर्म किए जाते हैं। मान्यता के अनुसार जिन परिजनों का निधन प्रतिपदा तिथि को हुआ हो, उनका श्राद्ध इस दिन किया जाता है। शुक्ल या कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि में मृत्यु होने पर भी प्रतिपदा श्राद्ध किया जा सकता है।
कुतुप मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
अवधि: 48 मिनट
रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:53 बजे से 1:42 बजे तक
अवधि: 48 मिनट
अपराह्न काल: दोपहर 1:42 बजे से शाम 4:06 बजे तक
पितृ पक्ष 2026 की प्रमुख श्राद्ध तिथियां
तारीख| श्राद्ध
26 सितंबर 2026| पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर 2026| प्रतिपदा श्राद्ध
28 सितंबर 2026| द्वितीया श्राद्ध
29 सितंबर 2026| तृतीया श्राद्ध
30 सितंबर 2026| चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध
1 अक्टूबर 2026| षष्ठी श्राद्ध
2 अक्टूबर 2026| सप्तमी श्राद्ध
3 अक्टूबर 2026| अष्टमी श्राद्ध
4 अक्टूबर 2026| नवमी श्राद्ध
5 अक्टूबर 2026| दशमी श्राद्ध
6 अक्टूबर 2026| एकादशी श्राद्ध
7 अक्टूबर 2026| द्वादशी श्राद्ध
8 अक्टूबर 2026| त्रयोदशी श्राद्ध
9 अक्टूबर 2026| चतुर्दशी श्राद्ध
10 अक्टूबर 2026| सर्वपितृ श्राद्ध
पक्ष में क्यों किया जाता है श्राद्ध?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है। इस दौरान लोग अपने दिवंगत परिजनों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनकी आत्मिक शांति तथा परिवार के कल्याण की कामना करते हैं।
पितृ पक्ष के दौरान अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है। श्राद्ध कर्म हमेशा श्रद्धा और विधि-विधान से करने की परंपरा है।




