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“एक पेड़ माँ के नाम, लोहा पहाड़ ‘साहब’ के नाम”, जंगलो की लगातार कटाई से बाघ हुआ बेघर – राहुल महाजन

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● एनसीएल की भांसी खदान 04 से बाघ हुआ बेघर, वन विभाग अनापत्ति प्रमाण पत्र देने में व्यस्त ।
● बचेली – भांसी के बाद अब कुम्हाररास पंचायत क्षेत्र में बाघ की उपस्थिति, वन विभाग की चेतावनी जारी ।
● दंतेवाड़ा बायपास में बाघ का दिखना, मानो बाघ स्वयं वन विभाग के जिला कार्यालय में अर्जी लगाने आया हो की “जंगलो को मत काटो साहब”।

एस एच अज़हर दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ही अब वन्य जीवों का दुश्मन बनता जा रहा है, तो वही सत्ताधारी पार्टी भाजपा तो “एक पेड़ माँ के नाम, लोहा पहाड़ “साहब” के नाम” कर रही है और इनके इस स्वार्थ की वजह से राष्ट्रीय पशु बाघ ही आज बेघर हुआ घूम रहा है । दंतेवाड़ा जिले के भांसी क्षेत्र के घने जंगलों और पहाड़ के पीछे बीजापुर जिला में स्थित है “भैरमगढ़ अभ्यारण” और इंद्रावती टाइगर रिज़र्व” जो कि बाघ का घर एवं विचरण स्थल रहा है । पर आज जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है तब से सारे जंगलो पर सिर्फ खनन माफियाओं का ही विचरण स्थल घोषित कर दिया गया है । सारे जंगलो को काट कर वन्य जीवों को बेघर कर दिया जा रहा है ।

दंतेवाड़ा जिले के स्थानीय लोग लगातार इस कटती हुई का जंगल का विरोध कर रहे है और खनन को रोकने आवाज़ उठाते आ रहे है और अपने घर को बचाने जंगली – जानवर भी अब अपनी उपस्थिति दर्ज कराने लगे है । हाल के महीनों में ही बाघ की बार बार ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही उपस्थित और अब तो जिला मुख्यालय तक इतने करीब पहुँच जाना, मानो इस बार बाघ खुद वन विभाग के जिला कार्यालय में अर्जी देने आया हो कि “साहब जंगलो को मत काटो, यह वन मेरा घर है ।” कुछ महीनों पहले ही बाघ द्वारा भांसी- बचेली क्षेत्र में भी मवेशियों पर हमला किया गया था और अब कुछ महीनों बाद फिर से दंतेवाड़ा बाईपास रोड में दिखना इस बात का संकेत है कि वन विभाग की लापरवाही और लगातर हो रहे वनों की कटाई इसके मुख्य वजह है ।

जिला प्रवक्ता राहुल महाजन ने अपने वक्तव्य में बताया कि भांसी में एनसीएल के खदान क्र 04 को चालू करने की इतनी जल्दबाज़ी मची हुई है कि ग्रामीणों के विरोध को भी दरकिनार कर कंपनी यहां पेड़ो की कटाई करे जा रही है और लगातार वनों को बर्बाद किया जा रहा है । 11जनवरी 2026 को जब प्रभावित पंचायत के ग्रामीणों ने बैठक बुला कर एनसीएल के खनन को फर्जी बताते ग्रामीणों द्वारा जब फ़र्ज़ी ग्राम सभा करवाने की बात रखी गयी तो इस मांग तक को अनसुना किया जाना और अपने मतलब के लिए सारे नियमों जैसे प्रभावित पंचायतों को दरकिनार कर बचेली नगरपालिका क्षेत्र को मुख्य प्रभावित क्षेत्र घोषित करना एवं ग्राम सभा की प्रति को अब तक सार्वजनिक न करना, इस बात को दर्शाता है कि एनसीएल-एनएमडीसी द्वारा किस हद तक नियमों में बदलाव किए गए होंगे और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों का सहारा लिया गया होगा । जंगली-जानवरों को बेघर करना और पेड़ो को काटने के मामले में राहुल महाजन ने यह खुले रूप से कहा कि अगर इसी तरह से नियम विरुद्ध काम किया जाएगा अथवा खनन नही रोका गया तो भविष्य में कांग्रेस कमिटी एव स्थानीय नागरिकों द्वारा एक बड़ी आंदोलन की आग ज्वालामुखी बन कर फूटेगी ।

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