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ATKT के कारण थर्ड ईयर में अटके छात्रों को बड़ी राहत, सरकार ने 5वें सेमेस्टर में प्रवेश को दी मंजूरी

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रायपुर :  छत्तीसगढ़ में स्नातक प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर में ATKT के कारण तीसरे वर्ष में प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने ऐसे विद्यार्थियों को अकादमिक सत्र 2026-27 के पांचवें सेमेस्टर में सशर्त प्रावधिक प्रवेश देने की अनुमति दे दी है। उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी किया है।

राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, स्नातक प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर में ATKT प्राप्त विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें अकादमिक सत्र 2026-27 के पांचवें सेमेस्टर में सशर्त प्रावधिक प्रवेश दिया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ऐसे विद्यार्थियों के लिए प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर की ATKT परीक्षाएं नियमित विद्यार्थियों के साथ निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा।

NSUI के लगातार आंदोलन के बाद फैसला

ATKT के कारण तीसरे वर्ष में प्रवेश पर लगी रोक को लेकर NSUI और पीआरएसयू अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे के नेतृत्व में छात्रों द्वारा लगातार प्रदर्शन किया जा रहा था। सोमवार को भी NSUI नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्रों ने आंदोलन कर विद्यार्थियों की समस्या उठाई थी। छात्रों और NSUI की ओर से लगातार किए जा रहे आंदोलनों के बीच राज्य सरकार एवं विश्वविद्यालयों ने विद्यार्थियों के हित में यह निर्णय लिया है।

मामले में पुनेश्वर लहरे ने बताया कि पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय में हमारे आंदोलन की प्रमुख मांग थी कि जिन छात्रों को ATKT दी जा रही है, उन्हें थर्ड ईयर में प्रवेश से नहीं रोका जाना चाहिए। छात्रों के आंदोलन और आक्रोश के बाद राज्य शासन ने आदेश को वापस लिया है। अब थर्ड ईयर के विद्यार्थियों को किसी भी ATKT के कारण नहीं रोका जाएगा।

उन्होंने कहा कि NSUI के आंदोलन के बाद छात्रों को यह बड़ी सफलता मिली है। लगभग 30 से 40 छात्रों को थर्ड ईयर में प्रवेश से वंचित किया जा रहा था। इस बड़ी सफलता के लिए पुनेश्वर लहरे ने NSUI नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्रों को बधाई दी है।

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