पितृपक्ष को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या इन 16 दिनों के दौरान नई चीजें खरीदना शुभ माना जाता है या नहीं. कई लोग मानते हैं कि श्राद्ध पक्ष में किसी भी तरह की खरीदारी नहीं करनी चाहिए, जबकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा कोई सामान्य नियम नहीं है कि इस पूरे समय में हर तरह की खरीदारी वर्जित हो. पितृपक्ष मुख्य रूप से पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, स्मरण और उनके निमित्त श्राद्ध-तर्पण करने का समय माना जाता है. ऐसे में इस दौरान दिखावे और अनावश्यक उत्सव से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन रोजाना की जरूरत की चीजें खरीदने पर सामान्य तौर पर रोक नहीं मानी जाती.
पितृपक्ष 2026 कब से है:- साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर, शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध से होगी और इसका समापन 10 अक्टूबर, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा. इन दिनों में लोग अपने पितरों की तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान जैसे कर्म करते हैं.
क्या पितृपक्ष में खरीदारी करना अशुभ है:-पितृपक्ष को अशुभ समय नहीं माना जाता है. यह अवधि पूर्वजों को याद करने और उनके लिए सम्मान व्यक्त करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है. इसलिए इस दौरान खरीदारी को लेकर कोई डर या भ्रम रखने की जरूरत नहीं है. जरूरत की चीजें जैसे कपड़े, राशन, घर का सामान, रोजाना इस्तेमाल में होने वाली चीजें खरीदी जा सकती हैं. इन सामान्य खरीदारी को पितृपक्ष के कारण अशुभ मानने का कोई धार्मिक नियम नहीं है.
फिर पितृपक्ष में किन चीजों से बचने की सलाह दी जाती है:- पितृपक्ष के दौरान परिवार में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का भाव रखा जाता है. इसलिए इस समय अनावश्यक तड़क-भड़क, बड़े उत्सव या दिखावे से बचने की परंपरा रही है. खासकर विवाह, बड़े मांगलिक आयोजन और नए कामों की शुरुआत को इस अवधि में टालने की सलाह कई परिवारों में दी जाती है. इसी वजह से लोगों को लगता है कि पितृपक्ष में कोई भी नई चीज खरीदना गलत है, जबकि सामान्य जरूरत की खरीदारी को इन दिनों में करने की कोई मनाही नहीं है.
क्या पितृपक्ष में नया घर खरीद सकते हैं:- पितृपक्ष में सामान्य सामान खरीदने और नया घर खरीदने के बीच अंतर समझना जरूरी है. घर खरीदना जीवन का बड़ा फैसला और महत्वपूर्ण काम माना जाता है. इसलिए धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले लोग पितृपक्ष के दौरान नया घर खरीदने, गृह प्रवेश या बड़े मांगलिक कार्य करने से बचते हैं और इसके लिए पितृपक्ष के बाद शुभ मुहूर्त का इंतजार करते हैं. लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं होता है ये पितृपक्ष का समय अशुभ होता है.




