Home छत्तीसगढ़ कलेक्टर-एसपी ने छात्रावास का किया निरीक्षण, घटना स्थल का लिया जायजा

कलेक्टर-एसपी ने छात्रावास का किया निरीक्षण, घटना स्थल का लिया जायजा

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बच्चों की सुरक्षा और निगरानी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी-कलेक्टर रोक्तिमा यादव

कोरिया :आदिवासी बालक आश्रम मझारटोला में छात्र के बिना सूचना अनुपस्थित होने और इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दिए जाने के मामले को कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने गंभीरता से लिया है। मामले में आश्रम अधीक्षक श्री अशोक एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वहीं, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), सोनहत को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

शुक्रवार को कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव एवं पुलिस अधीक्षक श्री हरीश राठौर ने आदिवासी बालक आश्रम मझारटोला का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ बच्चों से बातचीत की और उनकी सुरक्षा, नियमित उपस्थिति एवं स्वास्थ्य परीक्षण सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने घटना स्थल पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया।

घटना को लेकर प्रशासन गंभीर
प्राप्त जानकारी के अनुसार 8 सितंबर 2026 को आदिवासी बालक आश्रम मझारटोला में अध्ययनरत कक्षा 4वीं के छात्र प्रिंस, पिता बिजेन्द्र सिंह, सुबह लगभग 7 बजे से आश्रम में अनुपस्थित था। बाद में एक डबरी में बच्चे का शव बरामद हुआ। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आश्रम एवं छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा, उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए अत्यंत दुखद घटना है। जिला प्रशासन शोकाकुल परिवार के साथ है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है।

एसडीएम सोनहत करेंगे पूरे मामले की विस्तृत जांच
कलेक्टर ने एसडीएम सोनहत को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच में छात्र के आश्रम से अनुपस्थित होने की परिस्थितियों, आश्रम प्रबंधन की भूमिका तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी का परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने जिले के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, नियमित उपस्थिति, स्वास्थ्य एवं सतत निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा एवं देखरेख में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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