‘नई धारा रचना सम्मान-2026’ और ‘राष्ट्रमाता जिजाऊ पुरस्कार-2027’ के लिए चयन
मनेन्द्रगढ़। एमसीबी जिले के साहित्यिक इतिहास में एक नया गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। मनेन्द्रगढ़ के मूल निवासी एवं देश के वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज को हिंदी साहित्य एवं राष्ट्रभाषा हिंदी की सेवा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान के लिए एक साथ दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों के लिए चयनित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से मनेन्द्रगढ़ से लेकर पूरे छत्तीसगढ़ के साहित्यिक जगत में उत्साह और गौरव का माहौल है।
लगभग पांच दशकों से अधिक समय से निरंतर साहित्य साधना में सक्रिय गिरीश पंकज ने अपनी लेखनी के माध्यम से हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ ही सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों को भी प्रमुखता दी है। हिंदी दिवस के अवसर पर उनके नाम की घोषणा को मनेन्द्रगढ़ की साहित्यिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
पटना में होगा सम्मान समारोह
पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर की अध्यक्षता में गठित सम्मान चयन समिति ने गिरीश पंकज के रेखाचित्र ‘लुधिया’ को ‘नई धारा रचना सम्मान-2026’ के लिए चयनित किया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान 29 नवंबर को पटना में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।
साहित्य के क्षेत्र में उनकी व्यापक साधना का प्रमाण उनकी 22 खंडों में प्रकाशित ‘गिरीश पंकज रचनावली’ है। यह उपलब्धि भी उनके दीर्घ साहित्यिक जीवन की विशिष्ट पहचान मानी जाती है।
राष्ट्रमाता जिजाऊ पुरस्कार से भी होंगे सम्मानित
गिरीश पंकज को दूसरा प्रतिष्ठित सम्मान ‘राष्ट्रमाता जिजाऊ पुरस्कार-2027’ प्रदान किया जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज की माता राष्ट्रमाता जिजाऊ की स्मृति को समर्पित इस सम्मान के लिए उनका चयन जनहित एवं राष्ट्रहित में किए जा रहे सामाजिक कार्यों तथा व्यापक योगदान के लिए किया गया है। यह सम्मान समारोह वडोदरा में आयोजित किया जाएगा।
मनेन्द्रगढ़ से शुरू हुआ था साहित्यिक सफर
स्वतंत्रता संग्राम और खादी आंदोलन से जुड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार से ताल्लुक रखने वाले गिरीश पंकज का प्रारंभिक साहित्यिक सफर मनेन्द्रगढ़ से ही शुरू हुआ था। वार्ड क्रमांक 10 से जुड़े गिरीश पंकज ने अपनी साहित्य साधना के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
उनकी उपलब्धि की खास बात यह है कि जिस मनेन्द्रगढ़ से उनके साहित्यिक सफर की शुरुआत हुई, उसी माटी के साहित्यकार को आज राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिष्ठित सम्मानों के लिए चुना गया है।
‘एक उपलब्धि, पूरे जिले का सम्मान’
गिरीश पंकज को दो राष्ट्रीय सम्मान मिलने की घोषणा के बाद मनेन्द्रगढ़ के साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों में खुशी की लहर है। साहित्य जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल एक साहित्यकार की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि एमसीबी जिले की साहित्यिक प्रतिभा और पहचान का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
गिरीश पंकज की यह उपलब्धि मनेन्द्रगढ़ को एक बार फिर राष्ट्रीय साहित्यिक पटल पर चर्चा में ले आई है। उनकी लंबी साहित्य साधना, हिंदी सेवा और सामाजिक सरोकारों के लिए मिलने जा रहे ये दोनों सम्मान मनेन्द्रगढ़ सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय हैं।




