अंगदान केवल एक घोषणा नहीं है, यह ईश्वर द्वारा दिए गए इस मानव शरीर का समाज को लौटाया जाने वाला एक विनम्र उपहार है-विधायक अनुज शर्मा
रायपुर: राजधानी के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में राज्यस्तरीय ‘आयुर्वेद सेवा सम्मेलन’ अत्यंत उत्साह, सेवा भावना और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति:
इस भव्य सम्मेलन में प्रदेश के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं नेतागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप, कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा एवं विधायक श्री प्रबोध मिंज विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, समाजसेवी एवं आम नागरिक इस गरिमामय पल के साक्षी बने।
विधायक दंपति की अनुकरणीय पहल:
सम्मेलन के दौरान धरसींवा क्षेत्र के विधायक श्री अनुज शर्मा और उनकी धर्मपत्नी ने मानव सेवा के सर्वोच्च अध्याय को आत्मसात करते हुए समाज कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की। दोनों ने मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में मरणोपरांत अपना ‘अंगदान’ करने का पावन संकल्प लिया। विधायक दंपति के इस फैसले की कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों और आम जनता ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अंगदान से बड़ा कोई महादान नहीं है। -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय :
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विधायक अनुज शर्मा और उनकी धर्मपत्नी को अंगदान का महान संकल्प लेने के लिए हृदय से बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा, “आज का दिन छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। अंगदान से बड़ा कोई महादान नहीं है। विधायक अनुज शर्मा और उनकी धर्मपत्नी की यह पहल छत्तीसगढ़ के लाखों युवाओं को समाज सेवा और मानव कल्याण के लिए प्रेरित करेगी।” आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “आयुर्वेद हमारी प्राचीन सनातन परंपरा की एक अनमोल धरोहर है। यह केवल रोगों का इलाज नहीं करती, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का मार्ग दिखाती है। हमारी सरकार राज्य में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा पद्धति दोनों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर संकल्पबद्ध है।”
उत्कृष्ट चिकित्सकों, अंगदानदाताओं एवं रक्तदाताओं का हुआ सम्मान:
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट, सराहनीय एवं निरंतर सेवा प्रदान करने वाले चिकित्सकों, मरणोपरांत अंगदान का संकल्प लेने वाले दानदाताओं तथा नियमित रूप से रक्तदान कर जीवन बचाने वाले सेवाभावियों को मंच से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों ने सभी सम्मानित विभूतियों के सेवाभाव एवं सामाजिक योगदान की मुक्त कंठ से सराहना की।
मीडिया से चर्चा में भावुक हुए विधायक अनुज शर्मा:
संकल्प लेने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए विधायक श्री अनुज शर्मा ने इस दिन को अपने जीवन का सबसे अविस्मरणीय और पवित्र दिन बताया। उन्होंने कहा, “मरणोपरांत अंगदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद को नया जीवन प्रदान करना समाज के प्रति हमारा नैतिक दायित्व है। अंगदान केवल एक घोषणा नहीं है, यह ईश्वर द्वारा दिए गए इस मानव शरीर का समाज को लौटाया जाने वाला एक विनम्र उपहार है। हमारी सनातन परंपरा में महर्षि दधीचि ने समाज की रक्षा के लिए अपनी अस्थियों का दान कर दिया था; हम तो केवल उनके बताए सेवा के मार्ग पर चलने का एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “जब हम इस दुनिया में नहीं रहेंगे, तब भी हमारे शरीर का कोई अंग किसी की अंधेरी जिंदगी में रोशनी ला सके, किसी की रुकती हुई सांसों को नई जिंदगी दे सके—इससे बड़ा मानव धर्म और क्या हो सकता है? आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम जीते जी भी समाज के काम आएंगे और जाने के बाद भी किसी के जीवन का आधार बनेंगे।” श्री शर्मा ने इस अवसर पर निस्वार्थ भाव से जुटे सभी चिकित्सकों को नमन किया और अंगदान व रक्तदान का संकल्प लेने वाले सभी युवाओं को बधाई दी।
सम्मेलन का मुख्य संदेश:
सम्मेलन में उपस्थित सभी अतिथियों एवं वक्ताओं ने आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा पद्धति के महत्व, जन-स्वास्थ्य में इसके योगदान तथा समाज में अंगदान जैसी महान परंपरा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि हमारे देश में हर साल लाखों लोग केवल इसलिए अपनी जान गंवा देते हैं क्योंकि उन्हें समय पर स्वस्थ अंग नहीं मिल पाते। जीवन के बाद भी किसी के काम आ जाना ही मानव जीवन का सबसे पवित्र उद्देश्य है। विधायक दंपति और अन्य दानदाताओं का यह ऐतिहासिक कदम समाज में एक नई जागृति लेकर आएगा।




