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महासमुंद पुलिस का बड़ा ऑपरेशन! 2 राज्यों में छापेमारी, 1.40 करोड़ की जब्ती और 3 गिरफ्तार

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महासमुंद : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े एक कथित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने महासमुंद और सीमावर्ती ओडिशा में दो राज्यों के 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई मानव तस्करी, नाबालिगों के अवैध परिवहन, बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के कथित दैहिक शोषण से जुड़े मामलों की जांच के तहत की गई है।

कार्रवाई में करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये की संपत्ति/राशि जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा पुलिस को बड़ी संख्या में बालिग और नाबालिग मजदूरों के कथित अवैध परिवहन तथा बंधुआ मजदूरी से जुड़े डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—

मनीष गुप्ता, निवासी बागबाहरा

पियूष अग्रवाल, निवासी पिथौरा

नंदू महंती, निवासी पिथौरा के रूप में हुई है।

पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है और छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

हजारों मजदूरों के कथित अवैध परिवहन के साक्ष्य

पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के जरिए बड़ी संख्या में मजदूरों के कथित अवैध परिवहन और उनसे जुड़े आर्थिक लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

जांच में नाबालिगों से जुड़े मामलों के साथ बाल मजदूरी और नाबालिग बालिकाओं के कथित दैहिक शोषण से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है। पुलिस अब बरामद डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच कर नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है।

पूछताछ में सामने आ सकते हैं कई और नाम

तीनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को आशंका है कि कथित नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में पूछताछ और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद मानव तस्करी से जुड़े कथित नेटवर्क में हड़कंप की स्थिति है। मामले में महासमुंद पुलिस की कार्रवाई और जांच से जुड़े विस्तृत तथ्यों का खुलासा वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर किए जाने की संभावना है।

करोड़ों की जब्ती और डिजिटल साक्ष्य पर जांच

फिलहाल पुलिस का फोकस छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन और मजदूरों के कथित परिवहन से जुड़े साक्ष्यों की जांच पर है। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

मामले में जांच जारी है और पुलिस की अगली कार्रवाई पूछताछ तथा बरामद साक्ष्यों के आधार पर होने की बात कही गई है।

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