उदलकछार रेलवे फाटक के पास से रेस्क्यू कर सिटी अस्पताल में कराया गया भर्ती, आगे मानसिक चिकित्सालय भेजने की प्रक्रिया
बैकुंठपुर/मनेन्द्रगढ़ : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बैकुंठपुर की तत्परता और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला को मनेन्द्रगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत उदलकछार रेलवे फाटक के पास असहाय अवस्था में पाए जाने के बाद रेस्क्यू कर उपचार के लिए सिटी अस्पताल मनेन्द्रगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला की स्थिति की जानकारी मिलने पर अधिकार मित्र अंजनी यादव, थाना झगराखांड द्वारा तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक सहायता के लिए संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया। वहीं अधिकार मित्र अजय विश्वकर्मा, थाना मनेन्द्रगढ़ के सहयोग से 112 की सहायता लेकर महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर चैनपुर पहुंचाया गया।
सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी से संपर्क कर महिला को आवश्यक संरक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इस दौरान महिला को तत्काल सेंटर में भर्ती कराए जाने में कठिनाई की जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव के निर्देश पर महिला को सखी वन स्टॉप सेंटर चैनपुर से 108 एंबुलेंस के माध्यम से मनेन्द्रगढ़ के 220 बिस्तरीय सिटी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसे भर्ती कराकर उपचार शुरू कराया गया।
महिला को अस्पताल में भर्ती कराने के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, सखी वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर पूजा रजक एवं सुप्रिया तिवारी सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
बताया गया है कि वर्तमान में महिला का उपचार सिटी अस्पताल मनेन्द्रगढ़ में जारी है। मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने तथा आवश्यक न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से महिला को मानसिक स्वास्थ्य उपचार के लिए सेंदरी स्थित मानसिक चिकित्सालय भेजे जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस पूरे प्रकरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, विधिक सहायता से जुड़े अधिकार मित्रों, 112 एवं 108 सेवा, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयास से एक असहाय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सकी। मामले ने यह भी रेखांकित किया है कि संवेदनशील परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से जरूरतमंद लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाई जा सकती है।




