रोमांचक फाइनल में नगरनार ने किरंदुल को 3-1 से हराकर जीता खिताब
एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाडा : किरंदुल एनएमडीसी के अंतर परियोजना फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 का रविवार देर शाम किरंदुल के फुटबॉल मैदान में उत्साहपूर्ण माहौल के बीच समापन हुआ। रोमांचक फाइनल मुकाबले में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (नगरनार) ने बैलाडीला लौह अयस्क खदान, किरंदुल को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया, जबकि किरंदुल परियोजना की टीम उपविजेता रही।
समापन समारोह में रवींद्र नारायण, अधिशासी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जे.सी. दास, सीजीएम (प्रोडक्शन) एवं अध्यक्ष, स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के साथ ही एनएमडीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह में कार्मिक संगठनों एवं खेल जगत के प्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें नोमेश्वर राव, अध्यक्ष, एसकेएमएस, प्रदीप कुमार नामदेव, सचिव, एसकेएमएस, ए.के. सिंह, सचिव, एमएमडब्ल्यूयू, रवि मंडल, अध्यक्ष, जिला फुटबॉल संघ तथा जॉन वेल्डन, सचिव, जिला फुटबॉल संघ, दंतेवाड़ा शामिल रहे।
समापन समारोह में स्वागत संबोधन मोहम्मद तनवीर जावेद, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ने किया। इसके बाद टूर्नामेंट में भाग लेने वाली सभी टीमों एवं खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया तथा विजेता एवं उपविजेता टीम को पुरस्कार प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि रवींद्र नारायण ने आधिकारिक रूप से अंतर परियोजना फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 के समापन की घोषणा की। इसके साथ ही टूर्नामेंट के ध्वज को उतारकर स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी के अध्यक्ष जे सी दास को सौंपा गया, जो टूर्नामेंट के औपचारिक समापन का प्रतीक रहा।
टूर्नामेंट में व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के तौर पर किरंदुल टीम के अमित दीक्षित और सर्वश्रेष्ठ डिफेंडर नागेश सम्मानित हुए। नगरनार के सुकरू बघेल बेस्ट मिडफील्डर, कार्तिक बेस्ट फॉरवर्ड बने। नगरनार टीम के ही उमेश को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट के सम्मान से नवाजा गया। सर्वश्रेष्ठ फेयर प्ले का पुरस्कार दाेनिमलाई के विल्सन को मिला।
अंत में राजनाथ, सदस्य, स्पोर्ट्स एडवाइजरी कमेटी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
एनएमडीसी अंतर परियोजना फुटबॉल टूर्नामेंट ने कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं एवं इकाइयों के कार्मिकों को खेल के माध्यम से एक साझा मंच पर लाने के साथ-साथ टीम भावना, अनुशासन, फिटनेस और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के उत्साह और कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष रूप से जीवंत बनाया।





