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चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से SIR को लेकर स्थिति स्पष्ट : चंपा देवी

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भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा—संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर ही उठाए जाएं

सुरेश मिनोचा मनेन्द्रगढ़ :  चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म-6 और आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण से कई विषयों को लेकर बनी भ्रम की स्थिति स्पष्ट हुई है और विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।

श्रीमती पावले ने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार आयोग के प्रमुख निर्णयों में तीनों आयुक्तों की सहमति रही है। उन्होंने विशेष रूप से 24 जून 2025 के मूल SIR आदेश तथा उसके बाद जारी दिशा-निर्देशों और समय-सारणी का उल्लेख करते हुए कहा कि आयोग ने अपनी निर्णय प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। चुनाव आयोग के आधिकारिक दस्तावेज में भी 24 जून 2025 के आदेश के तहत SIR शुरू किए जाने का उल्लेख है।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्णयों में मतभेद होने को लेकर किए जा रहे दावों पर आयोग के संयुक्त बयान के बाद तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन ऐसे सवाल प्रमाण और तथ्य के आधार पर ही उठाए जाने चाहिए।

प्रशासनिक पत्राचार को SIR से जोड़ना उचित नहीं

कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र के संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि इसे SIR अथवा चुनाव आयोग की किसी नीतिगत प्रक्रिया से जोड़कर देखना उचित नहीं है। उनके अनुसार आयोग ने इसे प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक मामला बताया है।

एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी अपुष्ट रिपोर्ट को आधार बनाकर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से संबंधित रिपोर्ट को तथ्यहीन और काल्पनिक बताए जाने के बाद इस विषय को भी तथ्यों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

फॉर्म-6 को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने का दावा

फॉर्म-6 को लेकर श्रीमती चंपा देवी ने कहा कि मतदाताओं के बीच इसे लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया गया, जबकि चुनाव आयोग ने इस संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के मौजूदा मतदाता सेवा पोर्टल पर भी नए मतदाताओं के पंजीयन के लिए फॉर्म-6 उपलब्ध है। आयोग के अनुसार फॉर्म-6 सामान्य मतदाताओं के नए पंजीयन के लिए है।

उन्होंने कहा कि SIR के दौरान भी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार घर-घर गणना के दौरान BLO को नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के इच्छुक लोगों को फॉर्म-6 उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पात्र नागरिकों को मताधिकार दिलाना प्राथमिकता

श्रीमती पावले ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए चुनाव आयोग जमीनी स्तर पर काम कर रहा है। उन्होंने रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों सहित ऐसे नागरिकों तक पहुंच बनाने के लिए विशेष शिविरों तथा BLO द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करने की व्यवस्था का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते समय तथ्यों और प्रमाणों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके अनुसार चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद SIR, प्रशासनिक पत्राचार और फॉर्म-6 से जुड़े विषयों पर जनता के सामने स्थिति अधिक स्पष्ट हुई है।

भाजपा जिला अध्यक्ष ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के बजाय तथ्य, प्रमाण और लोकतांत्रिक संवाद के आधार पर राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

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