अनीता गर्ग अमन पथ ब्यूरो चीफ रायगढ़ : कलेक्टर जनदर्शन में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब खरसिया तहसील क्षेत्र के सैकड़ों कोटवार अपनी शिकायत लेकर पहुंच गए। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़, तहसील शाखा खरसिया के बैनर तले पहुंचे कोटवारों ने कलेक्टर के समक्ष लिखित आवेदन पेश कर न्याय की गुहार लगाई।
कोटवारों ने बताया कि खरसिया तहसील में पिछले दो माह से उनसे बेगारी करवाई जा रही है और उनका मानदेय रोक दिया गया है, जिससे वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
आवेदन में गंभीर आरोप
तह अध्यक्ष महेत्तर सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष श्यामलाल चौहान और संरक्षक धरमलाल चौहान ने बताया कि –
1. माह में दो बार तहसील हाजरी के नाम पर बुलाया जा रहा है, जबकि पूरे छत्तीसगढ़ में कहीं ऐसा नहीं होता।
2. तहसील परिसर की साफ-सफाई, झाडू-पोंछा और शौचालय तक साफ कराया जा रहा है।
3. 2 माह से मानदेय नहीं दिया गया है।
शासन के आदेश को दिखाया ठेंगा
कोटवारों ने जनदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन राजस्व विभाग का आदेश क्रमांक एफ 2-3/2019/सात-4 दिनांक 27/04/2023 भी पेश किया। इस आदेश में मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि कोटवारों से धारा 230 के तहत मूलभूत कर्तव्य के अलावा कोई भी बेगारी कार्य न लिया जाए। बावजूद खरसिया में इस आदेश का खुला उल्लंघन हो रहा है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मानदेय नहीं दिया गया और बेगारी बंद नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जनदर्शन में आवेदन लेने के बाद कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया है।
इस दौरान करमसिंह, शतराम, त्रिलोचन, लक्ष्मीनारायण, कमलाबाई, तुलसीदास समेत खरसिया तहसील के सभी कोटवार मौजूद रहे।







