प्रभावशाली लोगों ने सरकारी जमीनों पर बनाईं बड़ी-बड़ी बिल्डिंगें, पंचायत मौन – ग्रामीणों ने कलेक्टर से की बेदखली की मांग
अनीता गर्ग अमन पथ ब्यूरो रायगढ़ / धरमजयगढ़/छाल : ग्राम पंचायत नवापारा, तहसील छाल में अंधेर नगरी चौपट राजा की कहावत चरितार्थ हो रही है। यहां के कुछ प्रभावशाली और असामाजिक तत्वों तथा पूर्व सरपंचों और उपसरपंचो के द्वारा मिलीभगत से शासकीय भूमि को बेखौफ बेचने और कब्जा करने का बड़ा खेल खेला गया है।
ग्रामीणों ने जिलाधीश रायगढ़ को दिए आवेदन में बताया है कि सड़क की भूमि, सिंचाई विभाग की भूमि, बाजार के लिए प्रस्तावित भूमि और यहां तक कि श्मशान की भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा कर बड़ी-बड़ी पक्की बिल्डिंगें बना ली गई हैं और उन्हें किराये पर देकर अवैध वसूली की जा रही है।
हेमंत अग्रवाल का मामला सबसे गंभीर –
शिकायत में कहा गया है कि हेमंत अग्रवाल द्वारा शासकीय भूमि पर बने मकान के एवज में पंचायत को 5,50,000 रुपये देने का प्रस्ताव बनाकर 10/01/2025 को 2,50,000 रुपये का चेक दिया गया ताकि पंचायत किराया ले सके। परंतु ना तो किराया दिया जा रहा है और ना ही मकान सौंपा गया। उल्टा बिजली विभाग द्वारा घरेलू कनेक्शन के लिए लगाए गए खंभों पर भी कब्जा कर ग्रामीणों से कनेक्शन के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। इस संबंध में तहसीलदार और एसडीएम को पत्र लिखने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि की पूरी जानकारी सरपंच-सचिव को होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। कई सरकारी कर्मचारी भी सरकारी जमीनों पर कब्जा किए हुए हैं।
समस्त ग्रामवासियों ने मांग की है कि –
1. ग्राम पंचायत नवापारा की समस्त सरकारी भूमि का सीमांकन कर सुरक्षित रखा जाए।
2. अवैध कब्जा कर किराया वसूलने वालों पर बेदखली और जुर्माने की कार्रवाई हो।
3. सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को तुरंत रुकवाया जाए।
4. पूर्व सचिव धीरेंद्र गबेल द्वारा पुराना लेखा-जोखा नहीं देने और रिकवरी लंबित होने पर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने सभी बिन्दुओं पर प्रशाशन से जल्द से जल्द कार्यवाही करने की मांग की।





