अमनपथ न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू : बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व भूमि एवं कृषकों की भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा जारी की जा रही अनुमति को लेकर वन विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई है। वनमंडलाधिकारी, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बालोद वनमंडल ने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।वन विभाग के अनुसार बालोद जिले में ग्राम पंचायत सरपंचों द्वारा मनमाने तरीके से पेड़ कटाई की अनुमति दी जा रही है। सरपंच के अनुमति के सहारे आरा मिलों में अवैध रूप से लकड़ी की चिरान का काम चल रहा है।
मामले का खुलासा वन विभाग द्वारा मिलों में जांच के दौरान हुआ है।
वन विभाग के अनुसार कई आरा मिलों में ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा जारी अनुमति के आधार पर राजस्व भूमि/कृषकों की भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई की जा रही है। विभाग के निरीक्षण में ऐसे मामलों में अनुमति पत्र पर केवल सरपंच के हस्ताक्षर पाए गए, जबकि ग्राम सभा में पारित निर्णय अथवा ग्रामसभा के सदस्यों के हस्ताक्षर होना आवश्यक है।
पत्र में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ राजपत्र असाधारण क्रमांक-61, रायपुर, दिनांक 11 फरवरी 2022 में जारी अधिसूचना के नियमों के अनुसार पेड़ कटाई की अनुमति देने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल सरपंच के हस्ताक्षर वाला अनुमति पत्र पर्याप्त दस्तावेज नहीं माना जा सकता।
वन विभाग के निरीक्षण में यह भी सामने आया कि चिरान के लिए कृषकों द्वारा लाए गए काष्ठ से संबंधित दस्तावेजों में कई ग्राम पंचायत द्वारा जारी अनुमति पत्र में केवल सरपंच के हस्ताक्षर पाए जाते हैं।इसके अलावा अनुमति पत्र में अन्य ग्राम पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर तथा आदेश क्रमांक/दिनांक एवं भूमि खसरा नंबर का उल्लेख नहीं होने की बात भी विभाग ने सामने रखी है।
वनमंडलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम पंचायतों को राजपत्र में दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए तथा पेड़ों की कटाई की अनुमति देते समय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। इसका उद्देश्य पेड़ों की अवैध कटाई और अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाना है। वन विभाग की इस कार्रवाई से अब ग्राम पंचायत स्तर पर पेड़ कटाई की अनुमति जारी करने में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।




