रायपुर: सरकारी नौकरी लगवाने और ट्रांसफर कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में रायपुर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में से एक ने खुद को गृह मंत्री का निज सचिव बताकर प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने का दावा किया और नौकरी लगवाने के नाम पर रकम ली।
मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 और 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
गृह मंत्री का निज सहायक बताकर लिए 70 हजार
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी बोस्टो तांडी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संतराम यादव और आदित्य मोहन पंडा ने प्रभावशाली लोगों से संपर्क होने की बात कहते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि आदित्य मोहन पंडा ने खुद को गृह मंत्री का निज सहायक बताकर पीड़ित से 70 हजार रुपये लिए। इसके बावजूद नौकरी नहीं लगाई गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह धोखाधड़ी की।
पूछताछ में 15 लोगों से 25 लाख लेने का दावा
शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रार्थी और गवाहों से विस्तृत पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य मोहन पंडा (23), पिता अनिल पंडा, निवासी कमल विहार रायपुर और संतराम यादव (38), पिता बलराम यादव, निवासी हिमालया हाईट्स, देवपुरी रायपुर के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर इसी तरह नौकरी लगवाने और ट्रांसफर कराने के नाम पर करीब 15 लोगों से लगभग 25 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है।
पुलिस की पूछताछ जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस दोनों आरोपियों से आगे भी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी के इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं और आरोपियों ने किन-किन लोगों को नौकरी या ट्रांसफर कराने का झांसा देकर रकम ली।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।




