Home छत्तीसगढ़ टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 118 ग्राम पंचायतें सम्मानित

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 118 ग्राम पंचायतें सम्मानित

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युवा जोश टीम को गांव-गांव जागरूकता की जिम्मेदारी, टीबी मुक्त भारत की दिलाई शपथ

कोरिया :  टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला पंचायत ऑडिटोरियम, बैकुंठपुर में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, सरपंचों, निक्षय मित्रों तथा टीबी उन्मूलन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर युवा जोश टीम का उन्मुखीकरण भी किया गया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े ने कहा कि कोरिया जिले को शत-प्रतिशत टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने सम्मानित ग्राम पंचायतों के पदाधिकारियों से कहा कि टीबी के किसी भी संभावित लक्षण की पहचान होने पर संबंधित व्यक्ति की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।

जिले में टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत 118 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में सम्मानित किया गया। 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को ब्रॉन्ज, सिल्वर एवं गोल्ड श्रेणी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

टीबी मरीजों को पोषण टोकरी एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, संस्थानों, एसईसीएल प्रबंधन तथा बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को निक्षय मित्र के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं, घर-घर जाकर टीबी मरीजों की खोज एवं जांच अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएचओ, एएनएम, एमपीडब्ल्यू, एसटीएलएस एवं एसटीएस को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेन्द्र श्रीवास ने उपस्थित लोगों को टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई। इस दौरान “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” का संकल्प लिया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत सिंह ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है। इसकी जांच और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है तथा मरीजों को पोषण सहायता भी प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि कोरिया जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता आवश्यक है।

युवा जोश टीम को गांव-गांव जागरूकता की जिम्मेदारी
कार्यक्रम में एनएसएस एवं माय भारत वॉलिंटियर्स से जुड़े युवाओं को टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी गई। इनमें दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, शाम के समय बुखार, वजन घटना तथा बलगम में खून आना प्रमुख लक्षण बताए गए। युवाओं से गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के प्रति जागरूक करने तथा लक्षण वाले व्यक्तियों को जांच और उपचार के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती गीता राजवाड़े, स्वास्थ्य विभाग सभापति श्रीमती सुषमा कोर्राम, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आयुष जायसवाल तथा एनसीसी कैडेट जिला अधिकारी संजीव जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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