डिजिटल आजीविका रजिस्टर की प्रविष्टियां 25 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत करने के निर्देश
बैंक लिंकेज, चक्रीय निधि और सामुदायिक निवेश निधि के कार्यों में तेजी लाने पर जोर
रायगढ़ : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं मैदानी अमला कार्यों में तेजी लाएं। लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करते हुए योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। यह निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बिहान योजना की समीक्षा बैठक में दिए।बैठक में डिजिटल आजीविका रजिस्टर, स्व-सहायता समूहों एवं ग्राम संगठनों की प्रविष्टियों, आधार-मोबाइल सत्यापन, बैंक लिंकेज और उद्यम वित्तपोषण सहित योजना के विभिन्न घटकों की बिंदुवार समीक्षा की गई। सीईओ श्री पठारे ने डिजिटल आजीविका रजिस्टर में दूसरी तिमाही (क्यू-2) की सभी प्रविष्टियां 25 अक्टूबर 2026 तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्व-सहायता समूहों की 30 प्रतिशत तथा ग्राम संगठनों की 75 प्रतिशत उपलब्धि से संबंधित कट-ऑफ एवं नियमित प्रविष्टियां 22 अक्टूबर तक पूरी करने को कहा। इसी तरह प्रत्येक विकासखंड में आधार एवं मोबाइल सत्यापन का कार्य भी 22 अक्टूबर तक 75 प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैंक लिंकेज और वित्तपोषण के प्रकरणों में लाएं तेजी
समीक्षा के दौरान पुसौर, रायगढ़, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा और धरमजयगढ़ विकासखंडों में चक्रीय निधि (आरएफ), सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ), बैंक लिंकेज तथा उद्यम वित्तपोषण की प्रगति की समीक्षा की गई। सीईओ ने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आरएफ एवं सीआईएफ के प्रस्ताव तैयार कर 23 अक्टूबर तक जिला कार्यालय में जमा कराने को कहा। बैंक लिंकेज के तहत बैंकों को भेजे जाने वाले प्रकरणों की प्रतिदिन समीक्षा कर संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। इसमें पुसौर के 331, धरमजयगढ़ के 327 और रायगढ़ के 277 प्रकरणों सहित निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रकरण बैंकों में प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया। उद्यम वित्तपोषण के प्रकरणों को शीघ्र भेजने और स्वीकृत प्रकरणों में राशि वितरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
पोर्टल की समस्याओं का निराकरण कर ऋण संबंधी प्रकरण सुलझाएं
जिला पंचायत सीईओ ने बैंक लिंकेज पोर्टल पर स्व-सहायता समूहों के एमआईएस कोड प्रदर्शित नहीं होने की समस्या दूर करने के लिए संबंधित समूहों को चिह्नित कर लोकॉस पोर्टल पर उनकी प्रोफाइल, बचत खाते और नकद ऋण सीमा (सीसीएल) खाते की 5 जानकारी अद्यतन करने को कहा। उन्होंने समूहों की नियमित बैठकें आयोजित कर गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा सीबीआरएम के माध्यम से ऋण संबंधी समस्याओं पर चर्चा कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) के लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा गया।
कैडर्स के मानदेय भुगतान के लिए समय पर जमा करें प्रपत्र
बैठक में बिहान योजना के अंतर्गत कार्यरत सभी कैडर्स के मानदेय भुगतान की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। सीईओ श्री पठारे ने निर्देश दिए कि मानदेय भुगतान से संबंधित प्रपत्र प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से जिला कार्यालय में जमा किए जाएं, ताकि भुगतान की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। उन्होंने प्रमुख पांच बिंदुओं की प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करने के निर्देश भी दिए, जिससे निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा सके। जिला पंचायत सीईओ ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा का पालन करने, लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने और प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में विकास विस्तार अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम), प्रभारी बीपीएम, क्षेत्रीय समन्वयक तथा लेखा सह एमआईएस सहायक उपस्थित रहे।




