लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में उमड़ा जनसैलाब, ‘राधे-राधे चले आएंगे बिहारी’ और ‘राम-राम सिया राम’ की धुन पर देर रात तक थिरके गरबा प्रेमी
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पत्नी कांति जायसवाल के साथ हुए शामिल, विभिन्न श्रेणियों में सैकड़ों प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार
एमसीबी, चिरमिरी। एमसीबी जिले के चिरमिरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय रास गरबा महोत्सव ‘पंखिड़ा-2026’ का अंतिम दिन भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। महोत्सव के समापन अवसर पर स्टेडियम गरबा प्रेमियों से खचाखच भरा रहा। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने माता की आराधना से जुड़े भक्ति गीतों और मधुर धुनों पर जमकर गरबा किया। स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल अपनी पत्नी कांति जायसवाल के साथ आयोजन में शामिल हुए। मंत्री दंपती की उपस्थिति से प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ गया।
महोत्सव के अंतिम दिन पूरा स्टेडियम गरबा की थाप और भक्ति संगीत से गूंजता रहा। ‘मैं बची राम जी कृपा’ की धुन पर गरबा प्रेमी झूमते नजर आए, वहीं ‘राधे-राधे चले आएंगे बिहारी’ और ‘राम-राम सिया राम’ जैसे भक्ति गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पारंपरिक परिधानों में सजे महिला-पुरुषों और युवाओं ने सामूहिक गरबा कर आयोजन को यादगार बना दिया। रोशनी से जगमगाते स्टेडियम में देर तक उत्सव का माहौल बना रहा।
मंत्री दंपती की मौजूदगी में बढ़ा उत्साह
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अपनी पत्नी कांति जायसवाल के साथ गरबा महोत्सव में शामिल हुए। उनके पहुंचने पर गरबा प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन में शामिल लोगों ने इस महोत्सव को चिरमिरी की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला आयोजन बताया। महिलाओं ने कहा कि चिरमिरी में इतने सुंदर और भव्य गरबा महोत्सव का आयोजन करने के लिए वे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का आभार व्यक्त करती हैं। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन महिलाओं, युवाओं और परिवारों को एक साथ आकर उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
सनातन संस्कृति और माता की आराधना का माध्यम है रास गरबा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रास गरबा को सनातन संस्कृति, माता की आराधना और आध्यात्मिक मनोरंजन का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने आयोजन में शामिल माताओं-बहनों, युवाओं, गरबा प्रेमियों और गरबा समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज में धार्मिक आस्था, आपसी मेल-जोल और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान को मजबूत करते हैं।
विभिन्न श्रेणियों में बांटे गए सैकड़ों पुरस्कार
तीन दिवसीय रास गरबा महोत्सव के दौरान प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के लिए गरबा की विभिन्न श्रेणियों के आधार पर सैकड़ों पुरस्कार वितरित किए गए। प्रतियोगिताओं और पुरस्कार वितरण ने प्रतिभागियों के उत्साह को और बढ़ाया। आयोजन में पारंपरिक वेशभूषा, गरबा की प्रस्तुति और सामूहिक सहभागिता ने विशेष आकर्षण पैदा किया। अंतिम दिन बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने महोत्सव की लोकप्रियता को प्रदर्शित किया।
भक्ति और उल्लास की यादों के साथ विदा हुआ पंखिड़ा-2026
तीन दिनों तक चले इस महोत्सव का समापन भक्ति गीतों, गरबा की थाप और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच हुआ। ‘राधे-राधे चले आएंगे बिहारी’ से लेकर ‘राम-राम सिया राम’ तक की धुनों पर झूमते प्रतिभागियों ने आयोजन को यादगार बना दिया। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में उमड़ी भीड़ और लोगों की सहभागिता ने चिरमिरी में रास गरबा महोत्सव के प्रति उत्साह को दर्शाया। भक्ति, संस्कृति और सामूहिक उल्लास का संदेश देकर पंखिड़ा-2026 का तीन दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ।




