50 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर कोरिया पुलिस ने सुलझाया चार महिलाओं की मौत का मामला
करजी तालाब के पास ऑटो को टक्कर मारकर फरार हुआ था बोलेरो पिकअप चालक, तकनीकी साक्ष्यों से झारखंड के वाहन और चालक की हुई पहचान
बैकुंठपुर (कोरिया)। जिले के पटना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करजी तालाब के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में चार महिलाओं की मौत के मामले में कोरिया पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हादसे के बाद वाहन सहित फरार हुए चालक की पहचान के लिए पुलिस ने 50 से अधिक शासकीय एवं निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। सैकड़ों घंटे के वीडियो का बारीकी से विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का मिलान और डिजिटल सर्विलांस की मदद से दुर्घटनाकारित बोलेरो पिकअप वाहन क्रमांक JH 03 AU 6791 तथा उसके चालक राजू कुमार गुप्ता, निवासी ग्राम एवं थाना रमकंडा, जिला गढ़वा (झारखंड) की पहचान की गई। अंधेरे में हुए इस गंभीर सड़क हादसे की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की तकनीकी जांच अहम साबित हुई।
तीज नहावन कार्यक्रम से लौट रही महिलाओं के ऑटो को मारी थी टक्कर
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:30 बजे ग्राम छिंदिया निवासी अमित सिंह अपने ऑटो में ग्राम बिलारो से तीज नहावन कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहीं लगभग 14-15 महिलाओं को लेकर गृह ग्राम छिंदिया जा रहे थे। इसी दौरान पटना थाना क्षेत्र के ग्राम करजी तालाब के पास बैकुंठपुर की ओर से आ रहे एक अज्ञात बोलेरो पिकअप वाहन ने तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे के बाद पिकअप चालक मौके पर रुकने के बजाय वाहन सहित फरार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो में सवार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल बैकुंठपुर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान चंदमती सहित चार महिलाओं की मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।
घटनास्थल से नहीं मिला था वाहन का स्पष्ट सुराग
हादसे की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक कोरिया हरीश राठौर के निर्देशन में फरार वाहन और चालक की पतासाजी के लिए विशेष पुलिस एवं तकनीकी टीम गठित की गई।
घटना रात के समय हुई थी। मौके पर दुर्घटनाकारित वाहन की पहचान करने के लिए कोई स्पष्ट सुराग उपलब्ध नहीं था। ऐसे में पुलिस ने पारंपरिक विवेचना के साथ आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल सर्विलांस को जांच का प्रमुख आधार बनाया।
50 से अधिक कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल ग्राम करजी तालाब से लेकर बैकुंठपुर शहर, मुख्य मार्गों, प्रमुख तिराहों, टोल नाकों और संभावित निकास मार्गों पर लगे 50 से अधिक शासकीय एवं निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की। घटना के संभावित समय के आधार पर मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन तैयार कर सैकड़ों घंटे के वीडियो फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया गया।
रात का अंधेरा और वाहन की तेज रफ्तार जांच में चुनौती बने। शुरुआती फुटेज में वाहन की नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं दिखाई दे रही थी। इसके बाद साइबर सेल और तकनीकी टीम ने वीडियो एनहांसमेंट टूल्स तथा फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण की मदद ली। वाहन की बॉडी की बनावट, विशिष्ट कट-मार्क्स और लाइट पैटर्न का मिलान करते हुए संदिग्ध वाहन को चिह्नित किया गया।
झारखंड के वाहन और चालक तक पहुंची पुलिस
लगातार तकनीकी विश्लेषण और उपलब्ध रिकॉर्ड के मिलान के बाद पुलिस टीम दुर्घटनाकारित बोलेरो पिकअप वाहन क्रमांक JH 03 AU 6791 की पहचान करने में सफल रही। इसके बाद वाहन के अंतरराज्यीय रिकॉर्ड और तकनीकी लोकेशन से जुड़े साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर चालक राजू कुमार गुप्ता, निवासी ग्राम एवं थाना रमकंडा, जिला गढ़वा (झारखंड) की पहचान सुनिश्चित की गई।
इस प्रकार, शुरुआत में बिना किसी स्पष्ट सुराग के सामने आए मामले में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के सहारे दुर्घटनाकारित वाहन और उसके चालक की पहचान तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती आशा सेन एवं मोहसीन खान के नेतृत्व में थाना प्रभारी पटना प्रमोद पांडे, प्रशिक्षु उप निरीक्षक आकाश सुरपाम एवं सुंदरलाल नरेटी, सहायक उप निरीक्षक इंद्रजीत सिंह, संदीप साय एवं प्रदीप साहू, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र तिवारी, आरक्षक अमल कुजूर, राजेश रगड़ा एवं सजल जायसवाल तथा सैनिक विकास सिंह, अमृतानंद, राघवेंद्र पुरी एवं शिवम सिन्हा की सराहनीय भूमिका रही।
कोरिया पुलिस के अनुसार, प्रकरण में विधिसम्मत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में व्यापक सीसीटीवी जांच, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के उपयोग ने गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद फरार वाहन की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




