ट्रैफिक वार्डनो को वितरण की टी-शर्ट, कैप, सीटी और रेडियम जैकेट
युवाओं को दिया गया यातायात नियमों का प्रशिक्षण, ‘राह-वीर’ व ‘पीएम राहत योजना’ के प्रचार-प्रसार की दी गई जिम्मेदारी
राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद :- यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गरियाबंद पुलिस द्वारा एक सराहनीय जन-भागीदारी पहल की शुरुआत की गई है। विभिन्न थाना क्षेत्रों से स्वेच्छा से पुलिस के साथ जुड़कर यातायात प्रबंधन में सहयोग करने के इच्छुक जागरूक युवाओं के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण एवं किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक वेद व्रत सिरमौर (भा.पु.से.) की अध्यक्षता एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कर्ण कुमार उके, डीएसपी (यातायात एवं साइबर) सुश्री लितेश सिंह तथा यातायात प्रभारी सहाय उपनिरीक्षक रामाधार मरकाम की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
यातायात नियमों का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान यातायात डीएसपी सुश्री लितेश सिंह एवं यातयात के सहायक उपनिरीक्षक रामाधार मरकाम द्वारा उपस्थित युवाओं को यातायात के बुनियादी नियमों, प्रमुख रोड संकेतों और सड़क सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। युवाओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र के अंतर्गत भीड़भाड़ वाले संवेदनशील चौराहों व बाजारों में संबंधित थाना प्रभारी के समन्वय से यातायात को सुचारू बनाने में सहयोग करेंगे। इसके साथ ही, किसी भी सड़क दुर्घटना की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाना एवं डायल 112 को सूचना देकर घायलों की त्वरित मदद सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई।
‘ट्रैफिक वार्डन’ के रूप में अधिकृत, सुरक्षा किट का वितरण
सेवा भावना से जुड़े इन युवाओं को गरियाबंद पुलिस द्वारा औपचारिक रूप से ‘ट्रैफिक वालंटियर / ट्रैफिक वार्डन’ के रूप में अधिकृत किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर द्वारा सभी ट्रैफिक वार्डनों को कर्तव्य के दौरान पहचान एवं सुरक्षा हेतु टी-शर्ट, कैप, सीटी (व्हिसल) एवं रेडियम जैकेट प्रदान की गई।
सड़क सुरक्षा योजनाओं के प्रचार-प्रसार का आह्वान
प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित अधिकारियों द्वारा ट्रैफिक वार्डनों को केंद्र व राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं—विशेषकर सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद से जुड़ी ‘राह-वीर योजना’ (गुड सेमेरिटन) एवं ‘पीएम राहत योजना’ के प्रावधानों से अवगत कराया गया। वार्डनों को प्रेरित किया गया कि वे आम नागरिकों के बीच इन योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं, ताकि दुर्घटना के समय लोग बिना किसी भय के पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ सकें।गरियाबंद पुलिस ने युवाओं के इस सेवा भाव की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि जन-सहयोग के इस मॉडल से जिले की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।




