सोनहत के गांवों में 6 हाथियों के दल की मौजूदगी से दहशत, DFO के निर्देश पर अलर्ट हुआ वन अमला; मुआवजे की उठी मांग
बैकुंठपुर (कोरिया) : कोरिया वनमंडल के सोनहत वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में हाथियों के एक दल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दो शावकों सहित छह हाथियों का दल पिछले कई दिनों से क्षेत्र में विचरण कर रहा है। हाथियों ने लोलकी, कटगोला और जोगिया गांवों में खेतों में घुसकर धान की खड़ी फसलों को रौंद दिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और रात के समय खेतों की रखवाली करना भी उनके लिए जोखिम भरा हो गया है।
खेतों में घुसकर फसलें की तबाह, किसानों की बढ़ी चिंता
धान की फसल तैयार होने के समय हाथियों द्वारा खेतों में पहुंचकर नुकसान पहुंचाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। लोलकी, कटगोला और जोगिया गांवों के प्रभावित किसानों को अपनी फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट की चिंता सता रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि हाथियों का दल इसी तरह खेतों में पहुंचता रहा, तो फसलों को और नुकसान हो सकता है। ऐसे में ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग की निगरानी और हाथियों की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
DFO के निर्देश पर वन विभाग अलर्ट, QRT कर रही निगरानी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोरिया वनमंडलाधिकारी (DFO) के निर्देश पर वन विभाग का मैदानी अमला सतर्क है। सोनहत वन परिक्षेत्र अधिकारी के मार्गदर्शन में वनकर्मियों और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी के लिए सक्रिय किया गया है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हुए उनके विचरण मार्ग की जानकारी जुटा रही है।
ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, रात में अकेले बाहर नहीं निकलने तथा हाथियों के नजदीक जाकर फोटो या वीडियो नहीं बनाने की समझाइश दी जा रही है। वन विभाग का प्रयास है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रभावित खेतों के सर्वे और उचित मुआवजे की मांग
हाथियों द्वारा धान की फसल को नुकसान पहुंचाए जाने के बाद प्रभावित किसानों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से राहत की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित खेतों का जल्द निरीक्षण कर फसल क्षति का आकलन किया जाना चाहिए, ताकि नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
ग्रामीणों ने मांग की है कि DFO कोरिया और सोनहत वन परिक्षेत्र अधिकारी की निगरानी में वन विभाग की टीम प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराए तथा पात्र किसानों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया पूरी करे।
अब किसानों को फसल नुकसान के आकलन और मुआवजे का इंतजार है। वहीं, हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रभावित गांवों में सतर्कता और निगरानी बनाए रखना जरूरी है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ जान-माल के नुकसान को भी रोका जा सके।




