आश्विन मास में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा या कोजागरी पूर्णिमा कहा जाता है. इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने के साथ चंद्रदेव की आराधना भी की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से पूर्ण होता है. इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने और उनकी पूजा करने से सुख-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है.
शरद पूर्णिमा 2026 पर चंद्रोदय का समय:-शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी. इस दिन चंद्रोदय का समय शाम लगभग 4 बजकर 31 मिनट बताया गया है. हालांकि, अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय में अंतर हो सकता है.
शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?
1.शाम को स्नान करके साफ कपड़े पहनें.
2.एक लोटे में साफ जल भरें. उसमें थोड़ा कच्चा दूध और अक्षत डालें. साथ ही एक थाली में फूल, दीपक और धूप रखें.
3.चंद्रोदय के बाद खुले स्थान पर जाकर चंद्रदेव के दर्शन करें.
4.दोनों हाथों से लोटा पकड़कर चंद्रमा की ओर जल की पतली धारा अर्पित करें.
5.अर्घ्य देते समय चंद्रदेव के मंत्र का जाप करें.
चंद्रदेव को अर्घ्य देते समय कौन-सा मंत्र पढ़ें?
1.ॐ सोम सोमाय नमः.
2.ॐ स्थूलशिरसे नमः.
3.ॐ शिरोमात्राय नमः.
4.ॐ ध्वजाकृतये नमः.
5.ॐ नवग्रहयुताय नमः.




