केल्हारी सड़क हादसा: मनेंद्रगढ़ अस्पताल में 22 घायल डिस्चार्ज, तीन मरीजों के ऑपरेशन की तैयारी
मनेंद्रगढ़। केल्हारी सड़क हादसे में घायल लोगों के उपचार के दौरान मनेंद्रगढ़ स्थित 220 बिस्तरीय अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था महत्वपूर्ण रही। हादसे में घायल 40 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इनमें से 26 मरीजों का उपचार यहां चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन मरीजों को उपचार के लिए दूसरे बड़े अस्पताल में रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, 22 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि तीन मरीजों के हड्डी संबंधी ऑपरेशन की तैयारी की जा रही है। घायलों के उपचार संबंधी रिकॉर्ड में आंखों की पलकों, आंखों के आसपास, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटों का उल्लेख है। कई मरीजों के घावों की सिलाई यानी टांके लगाने की प्रक्रिया भी की गई।
आंखों और चेहरे की चोटों का किया गया उपचार
अस्पताल की हस्तलिखित चिकित्सा सूची में दर्ज मरीजों के नाम और उपचार का विवरण के अनुसार –
1. रोहन, उम्र लगभग 12 वर्ष: बाईं आंख की निचली पलक के किनारे पर चोट थी। इसके उपचार में निचली पलक के घाव की मरम्मत और टांके लगाने का उल्लेख है।
2. सुहागिया बाई (नाम की पुष्टि आवश्यक): बाईं आंख के आसपास सूजन और आंख के बाहरी हिस्से में कटने का घाव दर्ज है। रिकॉर्ड में घाव की सिलाई किए जाने का उल्लेख मिलता है।
3. श्याममती, उम्र लगभग 35 वर्ष: बाईं आंख के अंदरूनी कोने के पास कटने का घाव दर्ज है। इसके उपचार में टांके लगाने की प्रक्रिया का उल्लेख है।
4. शिवनाथ सिंह : दाईं ओर सूजन और खरोंच अथवा घर्षण से संबंधित चोट का विवरण लिखा हुआ दिखाई देता है।
5. घनजी राम, उम्र लगभग 62 वर्ष: बाईं ओर सूजन और चोट का उल्लेख है। घाव के सटीक विवरण की अस्पताल के रिकॉर्ड से पुष्टि की जानी चाहिए।
6. सोमनाथ, उम्र लगभग 35 वर्ष: बाईं आंख की ऊपरी पलक के बाहरी हिस्से में कटने का घाव और सूजन दर्ज है। रिकॉर्ड में घाव की सिलाई किए जाने का उल्लेख है।
7. धनीराम (नाम की पुष्टि आवश्यक), उम्र लगभग 50 वर्ष: बाईं आंख की ऊपरी पलक पर कटने का घाव दर्ज है। इसके उपचार में टांके लगाए जाने का उल्लेख मिलता है।
वहीं अन्य घायलों के रिकॉर्ड में चेहरे और नाक की चोटों का भी उल्लेख
अस्पताल की दूसरी उपचार पर्ची में ईएनटी यानी कान, नाक एवं गला विभाग से संबंधित परीक्षण और चेहरे की चोटों का विवरण भी दिखाई देता है। इसमें चेहरे पर चोट, नाक में चोट, आंख के अंदरूनी कोने के पास छोटा घाव तथा गाल, माथे, ठुड्डी और कलाई के आसपास सूजन जैसी प्रविष्टियां दर्ज हैं। कुछ मरीजों के सामने डिस्चार्ज किए जाने का उल्लेख भी अंकित है।
दो वर्षों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा पिछले दो वर्षों में क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में किए गए प्रयासों के बीच 220 बिस्तरीय अस्पताल में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सड़क दुर्घटना जैसी आपातकालीन स्थिति में घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती होती है। आंखों और चेहरे के आसपास की चोटों में विशेषज्ञ परीक्षण, घाव की उचित मरम्मत तथा जरूरत के अनुसार आगे की चिकित्सा व्यवस्था आवश्यक होती है। अस्पताल में दर्ज उपचार संबंधी प्रविष्टियां बताती हैं कि घायलों को स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की निगरानी पर भी चर्चा
हादसे के बाद घायलों के उपचार को लेकर शासन स्तर पर ध्यान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की नजर घायलों के उपचार पर रहने की बात भी बताई गई है।
स्थानीय अस्पताल में उपचार मिलना बड़ी राहत
दुर्घटना के बाद मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध होना उनके परिजनों के लिए राहत की बात है। दूसरे शहरों में रेफर किए जाने की स्थिति में मरीजों को अतिरिक्त यात्रा, समय और खर्च का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में स्थानीय अस्पताल की चिकित्सा टीम और उपलब्ध सुविधाओं की भूमिका अहम हो जाती है।
केल्हारी सड़क हादसे के घायलों का उपचार अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं, विशेषज्ञ चिकित्सा व्यवस्था और स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता के महत्व को सामने लाता है।



