Home छत्तीसगढ़ जनदर्शन में आए 50 आवेदन, कलेक्टर ने दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश

जनदर्शन में आए 50 आवेदन, कलेक्टर ने दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश

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बैठक के बीच ग्रामीण महिला का फोन उठाकर सुनी समस्या, मवेशियों की मौत पर मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की जांच के निर्देश

कोरिया :  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गत मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आवेदकों से संवाद कर उनके प्रकरणों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन में वनपट्टा संबंधी जांच, मानदेय भुगतान, अभिलेखों में त्रुटि सुधार, भूमि से कब्जा हटवाने, पशु शेड निर्माण के लिए सहायता तथा शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने सहित विभिन्न विषयों के कुल 50 आवेदन प्राप्त हुए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने जनदर्शन को शासन और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का माध्यम बताते हुए प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

‘सोनहत में जब आप आए थे, तब एक भैया से नम्बर लिया था’
समय-सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर के मोबाइल पर सोनहत विकासखंड के दूरस्थ ग्राम गोयनी की श्रीमती उर्मिला बाई का फोन आया। कलेक्टर ने कॉल उठाकर उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी। महिला ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से उनके मवेशियों की मौत हो गई थी, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला है।

बातचीत के दौरान कलेक्टर ने हंसते हुए पूछा कि उन्हें उनका मोबाइल नम्बर कहां से मिला। इस पर उर्मिला बाई ने बताया, ‘सोनहत में जब आप आए थे, तब एक भैया से नम्बर लिया था।’

कलेक्टर ने शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित एसडीएम को प्रकरण की संपूर्ण जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला को भी मामले की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

नागरिकों से सीधे संवाद की पहल को अधिकारियों ने सराहा
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेंद्र श्रीवास ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद से प्रशासन के गांव और घर तक पहुंचने का भाव मजबूत होता है।

अपर कलेक्टर डी. डी. मण्डावी ने कहा कि समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक के बीच कलेक्टर ने अनजान नम्बर से आए फोन को उठाया और करीब तीन मिनट तक बातचीत कर महिला की पूरी समस्या समझी। यह प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सकारात्मक संवाद का उदाहरण है।

एसडीएम अमित गुप्ता ने कहा कि अनजान नम्बर से आए फोन पर ग्रामीण महिला की बात विनम्रता और धैर्य से सुनना अधिकारियों को नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा देता है। जिलास्तरीय अधिकारियों ने कहा कि उच्च पद पर रहते हुए भी आम नागरिकों की बात सहजता और धैर्य से सुनना, मोबाइल पर सार्थक चर्चा करना, नई पीढ़ी के अधिकारियों के लिए सीख है।

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