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छत्तीसगढ़ में पैंगोलिन तस्करी का भंडाफोड़, 14 किलो शल्क के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार

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बचेली/दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में वन विभाग ने पैंगोलिन के शल्क की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बचेली वन परिक्षेत्र के रेंजर डॉ. प्रीतेश कुमार पांडे को मिली सूचना के आधार पर गीदम में घेराबंदी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। टीम ने आरोपियों के कब्जे से करीब 14 किलो पैंगोलिन शल्क बरामद किया है। तस्करी में इस्तेमाल एक मारुति ईको वैन और दो बाइक भी जब्त की गई हैं।

वन विभाग के मुताबिक, तस्कर शल्क को ईको वैन के बोनट और स्टेपनी के अंदर छिपाकर ले जा रहे थे। प्रारंभिक जानकारी में जब्त शल्क को 6 से 7 पैंगोलिन को मारकर जुटाया गया बताया गया है।

मुखबिर की सूचना पर बनाई गई संयुक्त टीम

जानकारी के अनुसार, बचेली रेंजर डॉ. प्रीतेश कुमार पांडे को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग मारुति ईको वैन में पैंगोलिन के शल्क लेकर जगदलपुर की ओर जाने वाले हैं। संदिग्ध वाहन के गीदम थाना क्षेत्र में मौजूद होने की जानकारी भी मिली थी।

रेंजर पांडे ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद डीएफओ वाय. रंगनाथा रामकृष्णा के निर्देश पर गीदम एसडीओ शिवेन्द्र सिंह और गीदम रेंजर शिव टंडन के साथ संयुक्त टीम गठित की गई।

बोनट और स्टेपनी में छिपाकर रखे थे शल्क

वन विभाग की टीम ने योजना के तहत गीदम पुलिस थाने के सामने नाकाबंदी की और संदिग्ध ईको वैन को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान वाहन के इंजन बोनट और स्टेपनी के अंदर छिपाकर रखा गया करीब 14 किलो पैंगोलिन शल्क बरामद हुआ।

वाहन में सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनसे मिली जानकारी के आधार पर टीम ने जावंगा एजुकेशन सिटी के पास भी दबिश दी। वहां बाइक पर शल्क लेकर मौजूद तीन अन्य लोगों को पकड़ा गया। इस तरह मामले में कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।

तीन जिलों के निवासी बताए जा रहे आरोपी

वन विभाग के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिले के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान एक ईको वैन और दो बाइक भी जब्त की गई हैं। विभाग का कहना है कि बरामद शल्क 6 से 7 पैंगोलिन को मारकर इकट्ठा किया गया था। इस पहलू की जांच की जा रही है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग अब इस मामले में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और शल्क के संभावित खरीदारों के संबंध में भी जानकारी जुटा रहा है।

बचेली रेंजर डॉ. प्रीतेश कुमार पांडे की सक्रियता और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है। वन विभाग ने वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने के लिए निगरानी जारी रखने की बात कही है।

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