सक्ती : नवीन शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
निबंध, भाषण और क्विज़ प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा कार्यक्रम के तहत निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को आकर्षक नकद पुरस्कार, पेन और कॉपी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली अन्य सभी छात्राओं को भी प्रोत्साहन स्वरूप कलम भेंट कर सम्मानित किया गया।
वक्ताओं ने लोकतंत्र, स्वच्छता और मतदान के अधिकार पर डाले प्रकाश
कार्यक्रम संयोजक राम नरेश यादव ने सबसे पहले छात्राओं को कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान, लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया और ‘विकसित भारत’ के संकल्प पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, नगर पालिका पूर्व अध्यक्ष रामावतार अग्रवाल ने छात्राओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेते हुए वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि विनोद अग्रवाल ने छात्राओं को उनके मताधिकार वोट देने के अधिकार और SIR से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र और चुनाव प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है।चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. श्याम चंद्रा की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।प्राचार्य ने जताया आभार कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य विजय देवांगन ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक बताया।इस सफल आयोजन के दौरान महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।




