
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय,सरगुजा लखनपुर : सदियों पुरानी परम्परा को कायम रखते हुए नगर लखनपुर के वार्ड क्रमांक 01 झिनपुरीपारा स्थित प्राचीन गौरा महादेव कलेसर पाठ देवस्थल में 26 अप्रेल दिन शनिवार को कठोरी पूजा मनाई गई। रियासत काल से चली आ रही प्रथानुसार ग्राम बैगा राजमहल से रासबढावन देवता की पऊति (पिटारी) लाकर गौरा महादेव के सम्मुख धरती माता इन्द्र देव वरूण ,पवन रासबढावन तथा देवी अन्नपूर्णा की लोकरीति से पूजा अर्चना किया। अच्छी पैदावारी खुशहाली सुख-समृद्धि के लिए देवी देवताओं से प्रार्थना किये।कृषक वर्ग के लोग एकत्रित होकर अपने घर से लाये धान बीज एवं नागर लोहे का पूजा कराया।दरअसल कठोरी पूजा कृषि कार्य की श्रीगणेश मानीं जाती। अच्छे फसल की पैदावार के लिए किसान कठोरी पूजा मनाते हैं।
ग्राम बैगा द्वारा पूजित धान को अक्षय तृतीया के रोज सर्वप्रथम किसान अपने खेत में बोकर कृषि कार्य का शुभारंभ करतेहै।इसे मूठ लेना भी कहते हैं। यही से कृषि कार्य की शुरुआत होती है।पुराने जमाने में कठोरी पूजा के लिए सख्त कठोर नियम बनाए गये थे।जनश्रुति से पता चलता है बिना कठोरी पूजा हुये रासढ़ोढी से पानी भरने की मनाही रहती थी। जमीन से मिट्टी खोदने पर प्रतिबंध लगा रहता था। यदि किसी के द्वारा रास ढोढी से पानी भर लिया जाता या जमीन खोदाई की जाती थी तो उस दोषी व्यक्ति को अर्थ दंड से दंडित किया जाता था।
कठोरी प्राकृतिक पूजा से जुड़ा माना जाता है इसमें जल वायु पृथ्वी आकाश अग्नि की पूजा होती है।उनके मर्यादा को रखते हुए इस दिन पूजा से पहले भूमि खोदाई जल स्त्रोतों से जल भरने पर पहरे लगे रहते थे।ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया जाता था जिससे दैवीय शक्तियों के मर्यादा का उलंघन होता हो।कठोरी पूजा के रोज गौरा महादेव को प्रसन्न करने के लिए बायर नृत्य किये जाने की भी चलन रही है। आदीवासी बाहुल्य ग्रामीण इलाकों में यह प्रथा आज भी जिंदा है। कठोरी पूजा से जुड़े बहुत सारी मान्यताये प्रचलित है।
कालांतर में बहुत सारे नियम लुप्त हो गई है। लेकिन कठोरी पूजा मनाये का चलन आज़ भी बरकरार है। फिलहाल नगर लखनपुर में कठोरी पूजा उत्साह के साथ मनाया गया।
नगर अध्यक्ष ने शेडनिर्माण कराये जाने किये घोषणा
कठोरी पूजा में शामिल किसानों ने नगर अध्यक्ष श्रीमती सावित्री दिनेश साहू से पूजा स्थल में शेड निर्माण कार्य कराये जाने की मांग किया जिस पर नपं अध्यक्ष ने गौरा महादेव तथा कलेसर देव पूजा स्थल में शेड निर्माण कार्य कराये जाने की घोषणा किया है। उन्होंने ने अपनी स्वीकारोक्ति प्रदान करते हुए अगले कठोरी पूजा आने से पहले दोनों देव स्थल पर शेड निर्माण कराने तथा पूजा स्थल की सीमाकन कराये जाने घोषणा किया है।जिसे लेकर नगर के किसानों ने नगर अध्यक्ष के प्रति आभार प्रकट किया है।आसपास ग्रामीण इलाकों में कठोरी पूजा मनाये जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।



