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किरंदुल-बचेली सड़क और पुलों की जर्जर हालत: ठेकेदार की लापरवाही, कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग

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एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा किरंदुल/बचेली: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित किरंदुल और बचेली, राज्य को सर्वाधिक राजस्व देने वाले नगर हैं, लेकिन इनके बीच की सड़क और पुलों की स्थिति अत्यंत दयनीय है। सड़क के कायाकल्प के लिए शुरू हुआ कार्य ठेकेदार की लापरवाही के चलते गुणवत्ता विहीन हो रहा है। किरंदुल नगर पालिका के उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने इस गंभीर समस्या को उठाते हुए कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

जर्जर पुल और सड़क की खस्ता हालत

किरंदुल और बचेली के बीच की सड़क पर 20-30 साल पुराने दर्जनों पुल और पुलियाँ हैं, जिनमें से कई जर्जर हो चुकी हैं। विशेष रूप से किरंदुल में वीडियो बटो कार्यालय के नीचे का पुल बेहद खतरनाक स्थिति में है, जहां 2-से 2.5 फीट गहरा गड्ढा बना हुआ है। ठेकेदार द्वारा इसके ऊपर केवल डामर की पतली परत चढ़ाई जा रही है, जो भविष्य में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। भांसी से बचेली और बचेली से किरंदुल के बीच किसी भी पुल का पुनर्निर्माण नहीं किया जा रहा, जबकि भांसी तक कुछ पुलों का निर्माण हुआ है।

ठेकेदार की लापरवाही, गुणवत्ता पर सवाल

सड़क निर्माण में ठेकेदार द्वारा केवल पुरानी सड़क पर डामर की पतली परत चढ़ाने का काम किया जा रहा है, जो कुछ ही समय में उखड़ रही है। बबलू सिद्दीकी ने बताया कि 30 साल पहले बने इन पुलों और सड़कों के निर्माण में आधुनिक तकनीक का अभाव था। आज जब नई तकनीक उपलब्ध है, तब भी घुमावदार रास्तों को सीधा करने या चौड़ी पुलियाँ बनाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हो रहा। उन्होंने सवाल उठाया कि भांसी के बाद शासन या ठेकेदार का इरादा क्यों बदल गया?

कलेक्टर से हस्तक्षेप की अपील

बबलू सिद्दीकी ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि वे तत्काल अधिकारियों को निर्देश दें ताकि किरंदुल-बचेली सड़क और पुलों का गहन निरीक्षण किया जाए। जर्जर पुलों को तोड़कर नए बनाए जाएँ, घुमावदार रास्तों को सीधा किया जाए, और सड़क की गुणवत्ता की जाँच हो। उन्होंने मांग की कि ठेकेदार को उच्च गुणवत्ता के साथ काम करने के लिए बाध्य किया जाए, ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय निवासियों में ठेकेदार की लापरवाही और जर्जर पुलों के प्रति भय और आक्रोश व्याप्त है। बबलू सिद्दीकी ने कहा कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद ही सड़क का कार्य शुरू हो पाया, लेकिन अब गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।

आगे की राह

किरंदुल और बचेली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सड़क और पुलों की स्थिति न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। कलेक्टर से अपेक्षा है कि वे इस मामले में त्वरित कार्रवाई करें और सड़क व पुलों के पुनर्निर्माण को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करवाएँ।

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