
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय,सरगुजा लखनपुर : सनातन से चली आ रही प्रथा को कायम रखते हुए अक्षय तृतीया पर्व नगर लखनपुर सहित आसपास ग्रामीण इलाकों में उत्साह के साथ मनाया गया। इस दिन किसी भी प्रकार का शुभ कार्य बिना किसी विशेष मुहूर्त के किया जा सकता है। यह दिन हिन्दू धर्म में सुख समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। श्रद्धालुओं ने पूरे वर्ष को फलदायी बनाने के लिए अक्षय तृतीया को सोने चांदी वाहन आदि की खरीदारी कर शुभ मुहुर्त बनाया। श्रद्धालुओं ने घरों में तथा मंदिर देवालयों जाकरभगवान विष्णु देवी लक्ष्मी भगवान शिव और गणेश जी की पूजा अर्चना किये।
अक्षय का मतलब होता है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो।दरअसल यह पर्व प्रत्येक वर्ष बैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को मनाई जाती है। सब तिथियों में अक्षय तृतीया अत्यंत मंगलकारी तिथि माना जाता है।धर्म ग्रंथों में अक्षय तृतीया को लेकर बहुत सारी कथाएं जुड़ी हुई है। अक्षय तृतीया को दान पुण्य तथा नये कामो की शुरुआत करने के लिए सबसे बेहतर दिन माना जाता है।
इस दिन नया व्यापार शुरू करना मकान जमीन खरीदना शादी विवाह उपनयन संस्कार आदि मांगलिक कार्य किये जाने की परिपाटी रही है ।साथ ही इस मौके पर महत्वपूर्ण कामो की शुरूआत की जाती है। अक्षय तृतीया हर तरह से शुभ मानी गई है। अक्षय तृतीया को सतयुग का शुभांरभ तथा भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण ने द्रोपदी को अक्षय पात्र प्रदान किये थे। अक्षय तृतीया से जुड़ी और भी बहुत सारी पहलुए है। इन्हीं रिति-रिवाजों को लेकर अक्षय तृतीया को स्थानीय सर्व ब्राह्मण समाज के लोगों ने अपने अग्रज भगवान परशुराम का जन्मोत्सव उमंग के साथ मनाया। कार्यक्रम में बृजेन्द्र पांडेय नरेंद्र पांडेय शशिधर पांडेय, सुरेश शुक्ला, राम हरि शर्मा नितिश कुमार दिहुलिया, शक्ति पाडेय अमृत शर्मा समाज के अन्य ब्राह्मण शामिल रहे।साथ ही आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में भी अक्षय तृतीया उत्साह के साथ मनाई गई।



