संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : धमतरी जिले के टायगर रिजर्व क्षेत्र अरसीकन्हार रेन्ज मे टायगर के पग चिन्ह मिलने से हडकंप मच गया आसपास के ग्रामीणो मे दहशत का आलम है तो वही वन विभाग को टायखर के चिन्ह मिलने से राहत है वन विभाग की टीम मौके पर पहुच कर चिन्ह का सैंपल ले रहा व जंगलो मे ट्रेप कैमरा लगाकर टायगर की पुष्टी मे जुट गई उदन्ती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद का तीन रेन्ज अरसीकन्हार , रिसगाव व सीतानदी धमतरी जिला मे आता है जहा टायगर नही है जबकी यह रेन्ज टायगर रिजर्व के अंतर्गत आता है बता दे यह क्षेत्र टायगर विचरण क्षेत्र है मगर यहा टायगर की कभी पुष्टी नही हुई गरियाबंद जिला के मैनपुर ब्लाक के कुल्हाडीघाट क्षेत्र मे एक टायगर की ट्रेप कैमरा मे फोटो कैद होने के बाद यहा टायगर की पुष्टि हुई मगर टायगर फिर दोबारा वन विभाग द्वारा जंगलो मे लगाये गये ट्रैप कैमरा मे कभी नही आया चूकी कुल्हाडीघाट उडीसा से लगा हुआ है जहा यह टायगर उडीसा से विचरण करते पहुचा था ठीक ऐसा ही रविवार को सुबह अरसीकन्हार रेन्ज के ग्राम संदबहारा के पास मुख्य मार्ग मे टायगर के पगचिन्ह दिखा जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुची जो पग चिन्ह सोन्ढूर डैम की ओर से आते हुए अरसीकन्हार के जंगल की ओर जाते दिखा वही आम ग्रामीणो का कहना है की टायगर गरियाबंद जिला से यहा पहुचा है लेकिन अब तक टायगर को किसी ने नही देखा चिन्ह के आधार पर ही ग्रामीण भयभीत है.



