
रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : नापतोल विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुआ है दरअसल व्यापारियों को बगैर सूचना दिये नगर लखनपुर में 25 जून को नापतोल विभाग के द्वारा सत्यापन के नाम पर फकत कागज़ी खानापूर्ति करने एक गोपनीय शिविर का आयोजन किया गया । अलबत्ता आयोजित शिविर का व्यापारिक प्रतिष्ठानों में चलित नापतोल मशीन बांट आदि का चिन्हांकन सत्यापन नहीं हो सका। कहने का मतलब इस शिविर का लाभ व्यापारियों को नहीं मिली। नापतोल विभाग अम्बिकापुर द्वारा लखनपुर में ग़ोपनीय तरीके से शिविर लगाया गया। यह इल्ज़ाम दुकानदारों ने विभागीय अधिकारी कर्मचारीयों पर लगाया है। कहना है इस शिविर के संदर्भ में दुकानदारों को कोई जानकारी नहीं हुई। नापतोल विभाग द्वारा लगाया गया शिविर दुकानदारों तथा शासन के दरमिया छलावा के सिवा कुछ भी नहीं रहा।

लखनपुर क्षेत्र के व्यापारियों को शिविर का लाभ नहीं मिल सका। नापतोल विभाग के इंस्पेक्टर सुजान सिंह कंवर से शिविर के संबंध में पूछा गया तो उनके द्वारा गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि- पोस्ट ऑफिस स्कूल के पास प्रत्येक वर्ष शिविर लगाया जाता है।अब तक 42 व्यापारियों के मशीनों का सत्यापन किया जा चुका है। सत्यापन हुये नाप मशीनो के फोटो मांगे जाने पर फोटो नहीं होने की बात कही गई।दुकानदारों और स्थानीय लोगों से बातचीत करने पर उन्होंने आयोजित शिविर की जानकारी नहीं होना बताया। जाहिरी तौर पर कहीं ना कहीं नापतोल विभाग के द्वारा शिविर के नाम पर कागज़ी खानापूर्ति कर शासकीय राशि का बंदरबांट किया जा रहा है। इतना ही नहीं छत्तीसगढ़ शासन विधिक माप विज्ञान विभाग के सत्यापन नोटिस में 2 दिन बाद अर्थात 27जून2025 को शिविर लगाने का जिक्र किया गया है। जबकि शिविर नियत तिथि से पहले 25 जून को ही लगा दिया गया है। जिससे साबित होता है कि नापतोल विभाग का सत्यापन शिविर महज़ कागज़ी खानापूर्ति के सिवा कुछ भी नहीं।



