
रायगढ़ :- भारतमाला परियोजना के तहत, उरगा (कोरबा) से जशपुर तक फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है, यह परियोजना बिलासपुर से शुरू होकर उरगा, हाटी, धर्मजयगढ़ से होते हुए जशपुर जिले के पत्थलगांव, कुनकुरी तक जाएगी। दूसरे चरण में उरगा से पत्थलगांव तक 85 किमी सड़क लगभग 1275 करोड़ रुपए एस्टीमेट निर्माण कार्य के लिए है। इसमें भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि शामिल नहीं है।
एलाइनमेंट बदलने के बाद एकबार फिर अवैध शेड निर्माण शुरू
अब इस मामले में भी गड़बड़ी सामने आ रही है। उरगा से पत्थलगांव तक रोड में धरमजयगढ़ के 14 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इसमें दो बार अवार्ड हो चुका है। पहले जो एलाइनमेंट था, वह बदल चुका है। नए एलाइनमेंट में बायसी कॉलोनी का मेढ़रमार गांव प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि मेढ़रमार में लोगों ने पहले ही मनमाने तरीके से शेड बना लिया था मिली जानकारी अनुसार वही अब कुछ दिन पूर्व एन.एच. के सर्वेयर द्वारा मेढ़रमार गांव में लाल झंडा लगाया गया लाल झंडा देख ग्रामीणों और सक्रिय दलालों ने इसे अंतिम सर्वे मानते हुए तत्काल दुकानों से शीट और पाइप की खरीदी प्रारंभ कर दिया है उनके द्वारा अब शासन को एक बार फिर चुना लगाने के उद्देश्य से शेड निर्माण करवाकर ज्यादा से ज्यादा मुआवजा पाने की तैयारी में जुट चुके है। वही सूत्रों की माने तो कुछ तो पुराने एलाइनमेंट के शेड तक निकालने शुरू कर दिए और जिन किसानों के जमीन में लाल झंडा लगाया गया है उन किसानों के साथ जमीन का एग्रीमेंट कर शेड निर्माण करने की तैयारी कर रहे है।
नाम नहीं लिखने के शर्त में किसान ने बताया कि मेढ़रमार गांव में कई सक्रिय दलाल घूम रहे है जिनका सीधा संपर्क एन.एच. के सर्वेयर से है जिस वजह से धरमजयगढ़ के अधिकारियों से पहले उनको पता चल जाता है कि कब सर्वे होना है और किस एलाइनमेंट से मार्ग जाने वाला है जिससे कि उनके द्वारा जिन भी किसानों का आर्थिक स्थित सही नहीं है उनके साथ मुआवजा की राशि का अनुबंध करके खाली चेक गारंटी के तौर पर पहले की ले लिया जाता है जिसके बाद किसानों के जमीनों में लाखों की लागत लगाकर बड़े बड़े शेड का निर्माण कर लिया गया है। अगर एक बार जिन जिन किसानों के खेत में शेड निर्माण किया गया है उनकी आर्थिक स्थिति की जांच किया जाए तो कई बड़े खुलासे होंगे कई सक्रिय दलालों के नाम सामने आयेगे।
लगातार भारतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रदेश में मुआवजा को लेकर दिन प्रतिदिन नए नए घोटाले सामने आ रहे है वही रायगढ़ जिला का धरमजयगढ़ भी इस भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ चुका है लगातार शासन की राशि का बंदरबाट करने के लिए सिंचित और असिंचित भूमि पर बेवजह शासन से या किसी विभाग से बिना अनुमति के शेड निर्माण किया का रहा है जिसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को समाचार पत्रों के माध्यम से मिलती रहती है पर वे भी मुखदर्शी बने ऑफिसों में बैठे हुए है और करे भी तो करे क्या अधिकारी एन.एच. के सर्वेयर आकर झंडा लगाकर चले जाते है जिसकी जानकारी ग्रामीणों को तो होती है पर वे अधिकारियों को बताना लाजमी नहीं समझते।
अधिकारियों को जानकारी नहीं सर्वेयर द्वारा गांव में लाल झंडा लगने की
जब धरमजयगढ़ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धनराज मरकाम से भारतमाला परियोजना का सर्वे के बारे में पूछा गया तो उनका कहना की हमें सर्वे की कोई जानकारी नहीं है हमारे पास कोई भी भारतमाला परियोजना द्वारा सर्वे कर रहे है करके जानकारी नहीं दिया गया है।



