Home व्यापार SEBI करने जा रहा म्यूचुअल फंड नियमों में बड़ा बदलाव, निवेशकों को...

SEBI करने जा रहा म्यूचुअल फंड नियमों में बड़ा बदलाव, निवेशकों को मिलेगा सीधा फायदा

0

देश में तेजी से बढ़ते म्यूचुअल फंड निवेश को देखते हुए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) अब बड़े बदलाव की तैयारी में है। SEBI अब म्यूचुअल फंड से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा कर रहा है ताकि उन्हें और ज्यादा निवेशक-हितैषी और आसान बनाया जा सके।

निवेशकों की जरूरत के अनुसार बनेगा नया ढांचा

SEBI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि अब नियमों का ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा जो मौजूदा समय की जरूरतों के अनुसार हो। पिछले कुछ वर्षों में म्यूचुअल फंड बाजार में कई बदलाव हुए हैं, जैसे SIP में बढ़ोतरी, रिटेल निवेशकों की भागीदारी और डिजिटलीकरण इसी को ध्यान में रखते हुए SEBI नियमों को फिर से डिज़ाइन कर रहा है।

जल्द आएगा ड्राफ्ट नियम

SEBI जल्द ही नया मसौदा (ड्राफ्ट) पेश करने वाला है, ताकि सभी हितधारकों-निवेशक, फंड हाउस, वितरक और सलाहकार से सुझाव लिए जा सकें। अधिकारी ने बताया कि यह प्रक्रिया ट्रांसपेरेंसी तरीके से होगी और इसमें आम निवेशकों की राय को भी महत्व मिलेगा।

म्यूचुअल फंड सलाहकारों के लिए गाइडलाइन

नए बदलावों में यह भी शामिल होगा कि जो लोग निवेशकों को म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह देते हैं, उनके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएं। इसके लिए एक परामर्श पत्र (consultation paper) तैयार किया जा रहा है, जिससे यह तय किया जा सके कि कोई भी व्यक्ति बिना योग्यता के निवेश की सलाह न दे पाए।

SIP में बढ़ रही है लोगों की दिलचस्पी

आज भारत में हर महीने करीब 28,000 करोड़ रुपए SIP के ज़रिए म्यूचुअल फंड में लगाए जा रहे हैं। यह दर्शाता है कि आम लोगों का रुझान सुरक्षित और नियमित निवेश की ओर बढ़ रहा है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की कुल AUM (प्रबंधन अधीन संपत्ति) अब 72 लाख रुपए करोड़ से ज्यादा हो चुकी है।

निवेशकों की संख्या बढ़ाना SEBI का उद्देश्य

हालांकि, देश की आबादी के मुकाबले म्यूचुअल फंड निवेशकों की संख्या अभी भी बहुत कम है। करीब 140 करोड़ की आबादी में से सिर्फ 5 करोड़ लोग म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। SEBI का टारगेट है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस माध्यम को अपनाएं और इसके लिए नियमों को इतना आसान बनाया जाए कि नया निवेशक भी आसानी से समझ सके।

गलत बिक्री रोकने पर जोर

SEBI यह भी तय करना चाहता है कि जो म्यूचुअल फंड स्कीम जिस नाम से बेची जा रही है, वह वैसा ही प्रदर्शन करे। निवेशकों को भ्रमित करने वाली स्कीम या मिस-सेलिंग (गलत बिक्री) पर सख्ती से रोक लगाने के लिए स्कीम कैटेगराइजेशन के नियमों को भी दोबारा देखा जाएगा।

SEBI का यह नया कदम म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए राहतभरा साबित हो सकता है। जहां एक ओर नियमों को आसान और ट्रांसपेरेंसी बनाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर निवेशकों को सुरक्षा और सही जानकारी भी मिलेगी। अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या करने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाला समय आपके लिए और भी सुविधाजनक हो सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here