केरल: कोल्लम जिले के थेवलक्करा बॉयज स्कूल से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां आठवीं कक्षा के छात्र मिधुन (13 वर्ष) की बिजली के करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई. यह हादसा उस वक्त हुआ जब वह स्कूल के साइकिल शेड की छत पर चढ़ा हुआ था.
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिधुन का एक दोस्त खेलते समय उसकी चप्पल शेड की छत पर फेंक देता है. मिधुन उसे लेने छत पर चढ़ता है, जहां वह गलती से नीचे लटक रही बिजली की तार की चपेट में आ जाता है. करंट लगते ही मिधुन अचेत होकर गिर जाता है. उसे आनन-फानन में सस्थमकोट्टा तालुका अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.
सुरक्षा में लापरवाही
स्थानीय लोगों और अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और बिजली विभाग को पहले से जानकारी थी कि शेड के ऊपर केएसईबी (KSEB) की हाई वोल्टेज लाइन बेहद नीचे लटक रही है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई. स्थानीय निवासी रथीश ने कहा, बिजली की तार झूले की तरह नीचे लटक रही थी. क्या अधिकारियों की आंखें बंद थीं?
जांच के घेरे में अधिकारी
अब यह जांच का विषय बन गया है कि, स्कूल भवन का फिटनेस सर्टिफिकेट किसने दिया? क्या स्कूल ने सुरक्षा चेकलिस्ट के तहत जरूरी निरीक्षण किया था? बिजली विभाग ने लटकी तारों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?
सामाजिक आक्रोश
मिधुन, वलियापदम इलाके के एक गरीब परिवार से था. उसकी मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. लोगों का कहना है कि ये हादसा नहीं, हत्या जैसी लापरवाही है. स्थानीय पंचायत सदस्य लाली बाबू ने कहा, इस स्कूल से सभी को लगाव है, लेकिन ऐसी लापरवाही माफ नहीं की जा सकती.



