Home छत्तीसगढ़ ऑपरेशन मॉनसून शुरू: जवानों ने छः नक्सलियों को किया ढेर

ऑपरेशन मॉनसून शुरू: जवानों ने छः नक्सलियों को किया ढेर

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नारायणपुर :  छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सलियों के खात्मे का सिलसिला जारी है। वहीं इस बीच अब नारायणपुर जिले में ऑपरेशन मॉनसून शुरू हो गया है। अबूझमाड़ के महाराष्ट्र बॉर्डर में जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में छः नक्सली मारे गए हैं। नक्सलियों की घेराबंदी के लिए फोर्स संयुक्त अभियान चला रही है। वहीं अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकि है। नक्सलियों के बड़े लीडरों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है।

उल्लेखनीय है कि, जवानों को आंध्र में ग्रेहाउंड, मिजोरम और कांकेर के जंगलवार फेयर कॉलेज में ट्रेड किया गया है। विशेष ऑपरेशन से पहले ऐसा हर बारकिया जाता है। भरी बारिश में नदी-नालों और जीव जंतुओं की मुसीबत के बीच साहस से भरे जवानों ने वहां डेरा डाला हुआ है। आकंड़े की बात करें तो पिछले पांच बरस में मानसून के दौरान नक्सलियों व पुलिस के बीच 111 बार मुठभेड़ हुई, जिसमें 99 हार्डकोर नक्सलियों को ढेर करने में फोर्स को सफलता मिली है।

रिवर क्रॉसिंग किट होती है सहायक
मानसून के दौरान जवानों को रिवर क्रॉसिंग किट से लैस किया जाता है। इस कीट में रस्सी, हुक, रेनकोट, मेडिकल किट आदि होते हैं। इसकी मदद से जवान भारी बारिश के दौरान भी नदी नालों को आसानी से पार करते हुए माओवादियों के खिलाफ आपरेशन जारी रखते है। मानसून के दौरान सांप, बिच्छू जैसे खतरनाक जीव-जन्तुओं से भी जवानों को दो चार होना पड़ता है, इसके लिए स्पेशल मेडिकल किट हमेशा जवान अपने साथ रखते हैं। यही वजह है कि बरसात के मौसम में किसी भी तरह की परिस्थिति हो जवान उसका सामना करने के लिए तैयार रहते हैं। स्पेशल फोर्स की गतिविधियां नक्सल प्रभावित इलाकों में बढ़ी है तथा माओवादियों के आधार वाले इलाकों में भी मूवमेंट बढ़ा है और फोर्स को लगातार सफलता भी मिल रही है।

743 नक्सली गिरफ्तार, 920 ने हथियार डाला
बस्तर पुलिस व नक्सलियों के बीच मानसून के दौरान वर्ष 2020 से 8 जुलाई 2025 तक 111 बार मुठभेड़ हुई। जिसमें 99 हार्डकोर नक्सलियों को ढेर करने में फोर्स को सफलता मिली है। वहीं जंगलों में मारे मारे फिर रहे 743 नक्सली गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं 920 नक्सली हथियार छोड़कर समर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। मानसून में ऑपरेशन के दौरान नवस्लियों को ढेर कर 179 हथियार व 295 आईईडी बरामद किया जा चुका है। इन वर्षों में नक्सलियों के साथ बहादुरी से मुकाबला करते हुए 14 जवान शहीद हो चुके हैं।

सफर आसान नहीं, लेकिन हमारा लक्ष्य साफ
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया था कि, मानसून का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन इससे हमारे अभियान धीमे नहीं होंगे। बरसात के दौरान जवानों को घने जंगलों, कीचड़ भरे रास्तों, नदियों के बढ़ते जलस्तर और दुर्गम इलाकों से होकर गुजरना पड़ता है। संचार व्यवस्था और लॉजिस्टिक सपोर्ट में भी कई बार मुश्किलें आती हैं। लेकिन इसके बावजूद हमारे सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी और हौसले के साथ नक्सल विरोधी अभियानों को अंजाम दे रहे हैं। बस्तर को नक्सल हिंसा से मुक्त कर शांति और विकास की राह पर आगे ले जाने का हमारा लक्ष्य साफ है।

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