Home आस्था शिवलिंग पर चढ़े हुए जल के चमत्कारी फायदे?

शिवलिंग पर चढ़े हुए जल के चमत्कारी फायदे?

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सावन के महीने में शिव पर जल अर्पित करने के महत्व को सनातन में बखूबी बताया गया है. वेदों, पुराणों सब में इसके चमत्कारी लाभों को वर्णित किया गया है. माना जाता है कि सावन के महीने में शिव पर जल चढ़ाने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं.भक्तों का मानना है कि इस पवित्र माह में भोलेनाथ पर किए गए जलाभिषेक से विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस जल के अनेकों अनेक फायदे भक्तों द्वारा बताए जाते हैं. आज हम उन्हीं मान्यताओं पर आधारित इस जल के चमत्कारी फायदे आपको बताने जा रहे हैं.

नेत्रों पर लगाने के फायदे:- मान्यताओं के अनुसार शिव पर चले चढ़े हुए जल को जलधारी के नीचे से एकत्र करके जो व्यक्ति अपने नेत्रों पर लगता है उसकी दृष्टि पवित्र और तेजस्वी हो जाती है. ऐसे व्यक्ति को नेत्र संबंधी रोगों में भी राहत मिलती है तथा दिव्य शक्ति प्राप्त होती है.

कंठ पर लगाने के फायदे:- वहीं जलाभिषेक के बाद गिरने वाले जल को कंठ पर लगाने से वाणी में मधुरता और प्रभाव आता है. माना जाता है कि इससे आपकी वाणी प्रभावशाली हो जाती है. यह प्रथा सदियों से चली आ रही है. लोग इस जल को अपने कंठ पर स्पर्श करते हैं.

मस्तिष्क पर लगाने के फायदे:- वही शिवलिंग के चढ़े हुए जल का एक और चमत्कार है. माना जाता है कि इस मस्तिष्क पर धारण करने से चित्र शांत और बुद्धि निर्मल हो जाती है. मानसिक विशुद्धियों का नाश होता है. व्यक्ति के मन में उन्नत विचार आते हैं और शांति की अनुभूति होती है.

शरीर पर छिड़कने के फायदे:- शिवलिंग पर चढ़े हुए जल को अपने शरीर पर छिड़कने से नवग्रह के बुरे प्रभाव से छुटकारा मिलता है. ऐसा माना जाता है कि शरीर के कष्टों के साथ-साथ इससे ग्रह दोषों की परेशानियों से भी छुटकारा मिल जाता है.

स्पर्श मात्र से परम सुख के अनुभूति:- मान्यता है की शिवलिंग पर चढ़ा हुआ जल चमत्कारी होता है. उसके स्पर्श मात्र से परम सुख के अनुभूति होती है और आपके जीवन के विकास और भ्रांतियां दूर हो जाती है. यही वजह है कि सदियों से लोग शिवलिंग पर चढ़े हुए जल को स्पर्श करते हैं और अपने ऊपर छिड़कते हैं. मान्यता है कि इससे असीम सुख और शांति की अनुभूति होती है.

 

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